कप्तानगंज। चीनी मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर तहसील प्रशासन की ओर से चीनी मिल के अचल संपत्ति की नीलामी की तैयारी के बीच ही हाईकोर्ट ने 31 जनवरी तक नीलामी पर रोक लगा दी है। अब किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान पर ग्रहण लगता दिख रहा है। कप्तानगंज चीनी मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। चीनी मिल की ओर से किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान न करने की दशा में तहसील प्रशासन ने चीनी मिल को सील करते हुए कुर्क किया था और पहले चरण में मिल की अचल संपत्ति की वैल्यूएशन करते हुए नीलम करने की तिथि 24 जनवरी को घोषित की थी। इसको लेकर तहसील प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली थी।
इसी बीच कप्तानगंज चीनी मिल पर आईएफसीआई दिल्ली ने चीनी मिल पर करोड़ों रुपये का लोन बकाया को लेकर हाईकोर्ट इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता की ओर से ऋण वसूली और दिवालियापन अधिनियम 1993 की धारा 31बी का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षित ऋण दाताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। याचिकाकर्ता एक सुरक्षित ऋण दाता है, जिस पर हाईकोर्ट ने इस मामलों को सूचीबद्धता की अगली तिथि तक की कोई नीलामी नहीं करने का निर्देश जारी कर दिए।
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि आईएफसीआई दिल्ली की याचिका पर हाईकोर्ट ने जो आदेश जारी किया गया था, उसमें 31 जनवरी तक कोई नीलामी न करने का निर्देश जारी किया गया है।
इसके चलते नीलामी स्थगित करते हुए अगली नीलामी की तारीख कोर्ट के निर्देशों के आधार पर किया जाएगा।