छितौनी। खड्डा ब्लॉक के नौतार जंगल के प्रधान के बाद अब सचिव पर भी सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। वहीं, पत्रावलियों की जांच में अनियमितता मिली है।
गांव में दिए आवासों की जांच भी जांच भी शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के प्रधान और सचिव भूमिगत हो गए हैं। निवर्तमान सचिव के आवास में लगा सरकारी ताला अब भी बंद है। खड्डा ब्लॉक के गांव नौतार जंगल में पीएम आवास योजना के लाभार्थी खेदारू की पत्नी स्व. अर्चना देवी के नाम से आवास स्वीकृत हुआ था।
ग्राम प्रधान अंगद यादव और निवर्तमान सचिव उदयभान शर्मा और वर्तमान सचिव रामप्रकाश शर्मा, आवास पटल का बाबू रामकृपाल की मिलीभगत से प्रधान की भाभी अर्चना देवी के बैंक खाते में आवास का तीनों किस्त भेज दी गई। लाभार्थी ने दोबारा आवास के लिए आवेदन किया तो माला उजागर हुआ। इस मामले में खुद के बचाव में सचिव ने आनन-फानन में प्रधान पर केस दर्ज करा दिया, मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो बीडीओ ने आवास पर छापेमारी कर निवर्तमान सचिव के आवास और आवास का पटल के कमरे में खुद का ताला बंद किया।
आवास से कुछ पत्रावलियों को बीडीओ ने कब्जे में लेकर जांच की तो सचिव रामप्रकाश शर्मा भी दोषी मिला। बीडीओ के जांच रिपोर्ट के आधार पर ब्लॉक के वरिष्ठ लिपिक राजेश्वर गुप्ता की तहरीर पर खड्डा पुलिस ने कागजों में हेराफेरी कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का केस दर्ज किया है।
इसके पूर्व सचिव की तहरीर पर हनुमानगंज थाने में प्रधान पर केस दर्ज है। बीडीओ खड्डा विनीत यादव लगातार जांच जारी है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा।
उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के अलावा केस दर्ज कराया जाएगा। गांव में दिए गए अन्य आवास की भी जांच कराई जा रही है। वहीं तहरीर मिलने के बाद दबाव में आई पुलिस मामले को मैनेज करने में जुट गई।
24 घंटे बाद बीडीओ ने दोबारा इंस्पेक्टर को फोन किया तो आनन-फानन में केस दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।