- गोरखपुर जंक्शन और कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे तीसरी लाइन निर्माण कार्य के लिए लिया गया था मेगा ब्लॉक
तमकुहीरोड। 20 दिन निरस्त रहने के बाद कप्तानगंज-थावे मार्ग पर गोरखपुर-पाटलिपुत्र मेल का परिचालन रविवार से शुरू हो गया। यह ट्रेन सुबह 6:15 बजे तमकुहीरोड पहुंची तो स्टेशन परिसर गुलजार नजर आया। इस ट्रेन को गोरखपुर में मेगा ब्लाॅक के चलते बीते 14 अप्रैल से तीन मई तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। वहीं, छपरा से गोमतीनगर जाने वाली 15114 छपरा कचहरी-गोमतीनगर एक्सप्रेस का संचालन भी रविवार से शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि इस रूट की दो महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन शुरू होने से अब यूपी व बिहार की राजधानी तक की यात्रा आसान हो गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से यात्री सुविधाओं के उन्नयन सहित मूलभूत ढांचे में विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर 12 अप्रैल से तीन मई के बीच गोरखपुर से गोरखपुर कैंट तक 3.5 किलोमीटर में और कुसम्ही-गोरखपुर और कैंट-गोरखपुर के बीच 14 किलोमीटर में थर्ड लाइन विस्तार के साथ नाॅन इंटरलॉक कार्य के लिए मेगा ब्लाॅक लिया गया था। इसके चलते कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर नियमित सुबह में गोरखपुर से पाटलिपुत्र और रात में पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक चलने वाली गोरखपुर-पाटलिपुत्र ट्रेन को 14 अप्रैल से तीन मई तक के लिए, दूसरी ट्रेन सुबह में नियमित गोरखपुर कैंट से सिवान तक और शाम में सिवान से गोरखपुर कैंट तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 17 अप्रैल से छह मई के लिए निरस्त कर दी गई थी।
वहीं, सिवान से गोरखपुर व रात में गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली डेमू पैसेंजर 23 अप्रैल से छह मई तक के लिए निरस्त थी। जबकि रोजाना सुबह में गोमतीनगर से छपरा तक और रात में छपरा से गोमतीनगर तक चलने वाली गोमतीनगर-छपरा एक्सप्रेस का मार्ग 26 अप्रैल से तीन मई तक के लिए बदल दिया गया था। इससे यात्रियों के लिए पाटलिपुत्र, सिवान, गोरखपुर व लखनऊ की राह मुश्किल हो गई थी। गोरखपुर में रिमाॅडलिंग का कार्य पूरा हो जाने के बाद 20 दिन से निरस्त चल रही गोरखपुर-पाटलिपुत्र मेल ट्रेन व छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन रविवार से शुरू कर दिया गया है।
रविवार को पाटलिपुत्र ट्रेन सुबह 6:15 बजे तमकुहीरोड स्टेशन पर पहुंची तो कई दिनों बाद तमकुहीरोड स्टेशन परिसर काफी गुलजार नजर आया और यात्रियों ने यात्रा की। क्षेत्र के सुनील नाथानी, रविंद्र यादव, नीरज जायसवाल, विजय मोदनवाल, राहुल सोनी, दुर्गेश मद्धेशिया आदि का कहना था कि ट्रेनें इस रूट के यात्रियों के लिए लाइफलाइन है। ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से यात्रियों के लिए यूपी की राजधानी लखनऊ व बिहार की राजधानी पटना की राह एक बार फिर आसान हो गई है।