फाजिलनगर। कस्बा के सठियांव स्थित महात्मा बुद्ध की अंतिम भोजन स्थली के मंदिर में 40 जापानी पर्यटकों की टीम ने भ्रमण किया। बौद्ध रीति-रिवाज से पूजन कर मंदिर परिसर में ध्यान किया। यह समूह जैन मंदिर, नौका विहार, चिल्ड्रन पार्क व बुद्ध पार्क होते हुए अंतिम भोजन स्थली के मंदिर पहुंचा।
वहां महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर चीवर चढ़ाकर मंदिर परिसर में योग मुद्रा में बैठकर प्रार्थना की। इनके साथ चल रहे टूरिस्ट गाइड ने महात्मा बुद्ध के जीवन की घटनाओं से जुड़े क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों के बारे में बताया। गाइड ने बताया कि भगवान बुद्ध इन्हीं रास्तों से होते हुए कुशीनगर पहुंचे थे, जहां पर निर्वाण को प्राप्त किया। बौद्ध साहित्य में इसे उत्तरापथ के नाम से जाना जाता है। जिस पर वैशाली से चलकर बुद्ध कुशीनगर पहुंचे थे।
यह टीम वाराणसी के सारनाथ से कुशीनगर आए थे। पावानगर के बाद पर्यटक बोधिवृक्ष के दर्शन के लिए बिहार के बोधगया जाएंगे। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
इस दौरान हारुन अहमद, विजयमल कुमार सिंह, आनंद गुप्ता, मनोज सिंह, आनंद देव कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।