पकड़ियार बाजार। मनरेगा के तहत होने वाले विकास कार्यों में बजट का अभाव में गांवों का विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नेबुआ नौरंगिया ब्लाॅक के चार हजार श्रमिकों का 3 करोड़ 23 लाख रुपये की मजदूरी तीन माह से नहीं मिली है। मनरेगा में काम करने वाले संविदा कर्मियों का पांच माह से मानदेय बकाया होने के चलते आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। नेबुआ नौरंगिया ब्लाॅक क्षेत्र के कूल 77 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत सड़क भराई, बाउंड्री वॉल, खेल मैदान निर्माण, अंत्येष्टि स्थल, मेड़ बंदी और तालाब खुदाई के साथ-साथ नाली, इंटरलॉकिंग व खड़ंजा कार्य कराए गए हैं। इनमें काम करने वाले मजदूर इन दिनों परेशान हैं। काम करने के तीन माह बाद भी मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
29 नवंबर के बाद से हुए कार्यों की मजदूरी श्रमिकों के खाते में नहीं पहुंच पाई है। मजदूरी के लिए श्रमिक प्रधान के घर दौड़ लगा रहे हैं तो प्रधान बकाए भुगतान के लिए ब्लॉक का चक्कर काट रहे हैं। वहीं गांवों में विकास कार्य भी ठप हो गए हैं।