कसया। महापरिनिर्वाण मंदिर में मंगलवार को देश-विदेश से पहुंचे बौद्ध पर्यटकों ने लेटी हुई महात्मा बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने चीवर अर्पित कर विश्व शांति, मानव कल्याण और सभी प्राणियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, वियतनाम, दक्षिण कोरिया और भारत के विभिन्न राज्यों से पहुंचे पर्यटकों ने बौद्ध परंपरा के अनुसार अगरबत्ती और पुष्प अर्पित किए। कई श्रद्धालुओं ने पालि भाषा में त्रिशरण और पंचशील का पाठ किया और ध्यान साधना कर तथागत महात्मा बुद्ध के उपदेशों का स्मरण किया।
मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच पर्यटकों ने बौद्ध स्मारकों का भ्रमण भी किया। उन्होंने महापरिनिर्वाण मंदिर के इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी ली और परिसर में स्थित प्राचीन अवशेषों को देखा। कई विदेशी पर्यटकों ने स्मृति के रूप में मंदिर परिसर में फोटोग्राफी भी की। पर्यटकों ने कहा कि कुशीनगर बौद्ध धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि महात्मा बुद्ध का करुणा, अहिंसा और शांति का संदेश आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। पर्यटन विभाग और मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिसकर्मी भी परिसर में तैनात रहे, जिससे दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। दिनभर महापरिनिर्वाण मंदिर और आसपास के बौद्ध स्थलों पर पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही।