उजारनाथ। ग्राम चंद्रौटा में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार की शाम कथावाचक रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य महाराज ने गुरु-शिष्य परंपरा और श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व के बारे में कथा सुनाई।
स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान का साक्षात स्वरूप है। इसके श्रवण और मनन से मानव जीवन का कल्याण होता है। उन्होंने राजा परीक्षित व श्री शुकदेव महाराज के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं।
आयोजन समिति के संयोजक डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसमें दिव्य झांकी, नंदोत्सव और भजन-कीर्तन मुख्य आकर्षण होंगे। इस मौके पर मुख्य यजमान सुधाकर मिश्रा सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।