खड्डा। क्षेत्र के ग्राम कोपजंगल व इसके टोला छपिया के आसपास बाघ और शावक की सूचना पर ग्रामीण सहमे हैं। बकरे के शिकार बनने के बाद ग्रामीणों का डर बढ़ गया है। शुक्रवार की शाम कोपजंगल गांव की महिलाओं ने बाघ को चहलकदमी करता देख भाग खड़ी हुईं।
गांव की सिंधु देवी, निर्मला देवी, बबिता, रूपवंती आदि ने बाघ को देखने का दावा किया। गांव की महिलाओं बताया कि घास के लिए सरेह में गई थी। उसी दौरान गांव के प्रकाश यादव के खेत में उन्हें बाघ दिखाई दिया। महिलाओं के मुताबिक वह गुर्राया, इसके बाद महिलाएं जान बचाकर भाग खड़ी हुई। गांव में आकर इसकी जानकारी दी। बाघ से बचने के लिए लोग रतजगा करने की बात कह रहे हैं।
ग्राम प्रधान यशवंत कुशवाहा ने बताया कि शाम के समय महिलाओं ने बाघ को देखा गया है। गांव के लोग रतजगा करने को मजबूर है।
शुक्रवार को लोग हाथों में लाठी-डंडे और झुंड में घरों से निकलते नजर आए। शाम होते ही लोग अपने पशुओं को झोपड़ी या कटरैन में छिपाकर बांध रहे हैं। देर शाम सरेह गई कुछ महिलाओं को बाघ नजर आया है। वन विभाग दावे के साथ यह नहीं कह पा रहा है कि जानवर बाघ है, तेंदुआ या कोई और हिंसक जानवर है। क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में बाघ की सूचना पर लोग भयभीत है।