खड्डा। छितौनी बाजार से करीब दो किलोमीटर दूरी पर बाघ दिखने की सूचना से लोग भयभीत हैं। किसान उधर खेती करने नहीं जा रहे हैं।
बिहार क्षेत्र के सेमरा लबेदहा पंचायत के मुखिया ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिस पर वन विभाग की टीम ने बाघ की खोज में तीन दिनों से दियारा में डेरा डाले हैं।
जिले की सीमा से सटे बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से बाघ निकलने से बिहार के सेमरा लबेदहां, श्रीपतनगर, भैसहिया आदि गांवों के आसपास उसे देखे जाने की चर्चा है।
किसान शंकर बीन, दहारी बीन, प्रभु बीन ने बताया कि बाघ को देखने के बाद लोग डरे हुए हैं। इलाके के लोगों ने खेतों की ओर जाना छोड़ दिया है।
बाघ आने की सूचना सेमरा लबेदहा पंचायत के मुखिया छेदी प्रसाद ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के डीएफओ अमित कुमार को देकर सुरक्षा करने की मांग की।
इसके बाद मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर ने वनकर्मियों की टीम दियारा क्षेत्र में भेजा। वनकर्मी बाघ की खोज में जुटे हैं। गंडक नदी के उस पार बाघ दिखने का जो इलाका बताया जा रहा है, उससे लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर जिले के हनुमानगंज थानाक्षेत्र का छितौनी बाजार और खड्डा थाना क्षेत्र के सालिकपुर, महदेवा सहित कई गांव हैं। इससे पहले भी बाघ जिले के सीमावर्ती गांवों में आ चुके हैं।
मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर आनंद कुमार ने बताया कि बाघ के जंगल से बाहर दियारा में होने की सूचना मिली है। वनकर्मी उसकी खोज में लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की।