पडरौना। जिले के नौनिहालों की पढ़ाई अब किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चों को रंगीन और रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक केंद्र को एक हजार रुपये महीने के हिसाब से वर्ष में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में प्रवेश से पहले तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है। जिले में संचालित कुल 2,918 को-लोकेटेड केंद्रों में से 1,626 आंगनबाड़ी केंद्र और 1,292 केंद्र परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित होते हैं। इन केंद्रों पर कक्षा एक में प्रवेश से पहले बच्चों को अक्षर ज्ञान के साथ अन्य बुनियादी जानकारी दी जाती है। अब इन केंद्रों पर स्टेशनरी उपलब्ध होने से गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इस पहल के लिए जिले को 2.91 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। प्रत्येक को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र को स्टेशनरी खरीदने के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये की दर से धनराशि मिलेगी। यह राशि दस महीने के लिए दी जाएगी। यानी प्रत्येक केंद्र को कुल 10 हजार रुपये मिलेंगे। यह धनराशि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के खाते में भेजी जाएगी।