पडरौना। रामकोला क्षेत्र में एक महिला की हत्या कर शव दफना दिया गया था। बाद में पुलिस ने शव को निकलवाया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस ने विवाहिता के माता-पिता का सैंपल डीएनए जांच के लिए 18 अप्रैल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर भेजा था, लेकिन सैंपल पर नाम में अंतर होने के कारण एक सप्ताह बाद लौटा दिया गया। सिपाही पोस्टमार्टम हाउस सैंपल लेकर पहुंचे और नाम सही कराने के बाद प्रयोगशाला में दोबारा पहुंचाया। ऐसे में सैंपल खराब होने या रिपोर्ट में गड़बड़ी का अंदेशा जताया जा रहा है। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बलुआ गांव के टोला पोखरियहवां निवासी विशाल मौर्य उर्फ पिंटू ने 40 दिन पूर्व अपनी पत्नी गीता की घर में दहेज के लिए हत्या कर शव को बोरे में भरकर पटीदारों की मदद से रामकोला थाना क्षेत्र के गंडक नदी के किनारे पुरैनी घाट पर लाकर जमीन में दफना दिया था। बचने के लिए और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए अपनी मां से तहरीर दिलवाकर गुमशुदगी दर्ज करा दिया था, हालांकि गीता के पिता ने बेटी की हत्या कर शव गायब करने का आरोप पुलिस से ससुराल वालों पर लगाया था।
एसपी तक मामला पहुंचा तो पुलिस सक्रिय हुई और पति को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने के बाद सर्विलांस की मदद लिया तो पता चला कि पति घर में पत्नी की दहेज के लिए हत्या कर शव को दफना दिया था। डीएम की अनुमति के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव 17 अप्रैल को निकाला गया जो खराब हो गया था। शव को लेकर संशय न रहे इसलिए पुलिस ने विवाहिता के माता, पिता का सैंपल निकलवाया डीएनए जांच के लिए। डीएनए जांच के लिए जो सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था, उस पर मृतका के नाम में अंतर था। इसलिए वहां से सैंपल लौटा दिया गया। शुक्रवार को दो सिपाही गोरखपुर से सैंपल लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अहिरौली थानाध्यक्ष संजय दुबे ने बताया कि सैंपल पर जो स्लीप लगा था, उसमें नाम में त्रुटियां थीं। इसलिए वापस आया है, इसे ठीक कराने के बाद भेज दिया गया।