रामकोला। अनुराग का मिले शव कई दिनों का होने के कारण पुलिस डीएनए जांच कराएगी, ताकि शव को लेकर परिजनों में किसी तरह का संशय न रहे। बृहस्पतिवार को मृतक के पिता और भाई का सैंपल डीएनए जांच के लिए लिया गया।
वहीं परिजन पुलिस की उदासीनता के कारण अनुराग की हत्या कर शव पानी में फेंकने का आरोप लगा रहे हैं। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट और बयान के आधार पर पुलिस की कार्रवाई अब आगे बढ़ेगी। रामकोला थाना क्षेत्र के पकड़ी बागर निवासी अनुराग श्रीवास्तव का शव 17 मार्च को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बुजुर्ग मठिया गांव के पास बड़ी नहर में रविवार को मिला था। इसके जेब में मिले मोबाइल से शव की शिनाख्त हुई। परिजनों के अनुसार अनुराग 19 जनवरी को अपनी शादी का कार्ड लाने के लिए गए थे और लापता हो गए थे। उनकी बाइक नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बहुपरना गांव के पास मिली थी। उस दौरान अनुराग अपने भाई से मोबाइल पर भी बात भी की थी। भाई की तहरीर पर नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। शादी का दिन नजदीक आया तो एसपी ने स्वॉट, सर्विलांस के अलावा नेबुआ नौरंगिया और रामकोला पुलिस को ढूंढ़ने के लिए लगाया था, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण लापता युवक का पता पुलिस नहीं लगा पाई।
पुलिस का दवा है कि सर्विलांस से कुछ सुराग मिले थे, जिस पर टीम काम कर रही थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में शव करीब दस दिन पुराना होने का दावा किया गया और जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। इसलिए मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। विशुनपुरा पुलिस ने पिता राजेश श्रीवास्तव और भाई अभिलाष श्रीवास्तव का सैंपल डीएनए जांच के लिए लिया गया। अभिलाष ने बताया कि 57 दिन पूर्व भाई लापता हुआ था। उस समय क्यों नहीं आत्महत्या की, उसकी साजिश के तहत हत्या कर नहर में शव फेंका गया है। वह क्यों नहर में कूद कर जान देगा, क्या कमी थी। इसकी निष्पक्ष पुलिस जांच करें। अगर पुलिस सक्रियता दिखाई होती तो शायद मेरा भाई जिंदा मिल गया होता। विशुनपुरा थानाध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि शव कई दिन पुराना है। किसी तरह का कोई संशय न रहे। इसलिए डीएनए जांच के लिए सैंपल निकलवाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद साक्ष्यों के आधार पर इसकी जांच की जाएगी।