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परिषदीय विद्यालयों में नामांकन का लक्ष्य नहीं हो सका पूरा

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रुदवलिया के आदर्श विद्यालय में पढ़ाई करते विद्यार्थी। - फोटो : KUSHINAGAR
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परिषदीय विद्यालयों में नामांकन का लक्ष्य नहीं हो सका पूरा
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मौजूदा शैक्षिक सत्र के लिए अप्रैल में 64,141 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य मिला था
अब तक 50 हजार बच्चों का नामांकन ही हो सका
पडरौना। स्कूल चलो अभियान के तहत जिले के अधिकतर परिषदीय विद्यालय नए बच्चों के नामांकन के लक्ष्य को पूरा नहीं कर सके हैं। 64,141 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 50,080 बच्चों का ही नामांकन हो सका है। जबकि लक्ष्य पूरा करने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाया गया, लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के प्रति अभिभावकों में रुचि उत्पन्न नहीं कर सके।
जिले में 2,464 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें प्राथमिक विद्यालय 1,640, उच्च प्राथमिक विद्यालय 286 और कंपोजिट विद्यालय 538 हैं। चार अप्रैल को मुख्यमंत्री ने स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की थी। इसी क्रम में सभी जिलों को नवीन नामांकन का लक्ष्य दिया गया था, जिसे 30 अप्रैल तक पूरा करना था। बेसिक शिक्षा विभाग काफी प्रयास के बावजूद स्कूल चलो अभियान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।
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जनपद को 64,141 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य मिला था। इसे 30 अप्रैल तक पूरा करना था, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। 50,080 बच्चों का ही नामांकन हो सका है। परिषदीय विद्यालयों में लक्ष्य के अनुरूप नामांकन के लिए शिक्षक अभिभावकों के घर तक पहुंचे और उनसे मुलाकात कर बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालय में कराने का अनुरोध किया। जागरुकता रैली निकाली गई। इसके बाद भी अभिभावकों की इसमें अधिक रुचि नहीं दिखी।
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डीबीटी के लिए तेज हुई तैयारी
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए पिछले शैक्षिक सत्र से नौनिहालों को ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर के लिए एक ही बार सीधे धनराशि दी जा रही है। एक नौनिहाल को 1,100 रुपये मिल रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों का खाता बैंक में होना चाहिए। इस बार यह लाभ देने के लिए विभाग की तरफ से तेजी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। नए नौनिहालों के दाखिला को लेकर उनकी पोर्टल पर जानकारी फीड की जा रही है। आधार नंबर भी लगाया जा रहा है, जिससे जब डीबीटी का लाभ मिलने का मौका आए तो कोई भी नौनिहाल इससे वंचित न रह जाए।
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नई किताबों का कर रहे हैं इंतजार
परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक सत्र की शुरुआत हुए एक माह से अधिक हो गया है। अब तक नौनिहाल पुरानी किताबों के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं। नई किताबें न मिलने की वजह से उन्हें पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। इस दौरान बच्चे शिक्षकों से रोजाना किताबें मिलने की जानकारी करते रहते हैं। शिक्षक भी कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि नई किताबें बच्चों को जुलाई से पहले मिलना मुश्किल है।
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कोट
स्कूल चलो अभियान का करीब 80 फीसदी लक्ष्य पूरा हो गया है। इस समय भी नए दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि 20 मई तक लक्ष्य पूरा हो जाएगा। जिस ब्लॉक में लक्ष्य के सापेक्ष नामांकन कम हुआ है, उन्हें जल्द लक्ष्य को पूूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी त्रिपाठी, एडी बेसिक/प्रभारी बीएसए
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