हरैया स्थित ब्रह्म स्थान पर आयोजित श्री हरिहर महायज्ञ में कथा सुनाते व्यास आनंद भारद्वाज।स्रोत-
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जोकवा बाजार। फाजिलनगर के हरैया स्थित ब्रह्म स्थान परिसर आयोजित श्री हरिहर महायज्ञ में शनिवार को कथा वाचक ने सती मोहभंग की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि यह कथा अहंकार और संशय त्यागने की कथा है।
कथा व्यास आनंद भारद्वाज ने कहा कि जहां विश्वास होता है वहां भगवान का साक्षात्कार होता है। जहां संशय होता है, वहां ज्ञान भी अधूरा रह जाता है। सती मोहभंग का प्रसंग मनुष्य को अहंकार, भ्रम और संदेह से दूर रहकर सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा वाचक ने कहा कि भगवान राम केवल अयोध्या के राजा नहीं बल्कि स्वयं परमात्मा के स्वरूप हैं। उनके प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास ही जीवन के दुखों को समाप्त कर सकता है। संवाद