खोटही गांव के फकीरा छपरा में मंगलवार को लोगों से बात करते सीएमओ डाॅ. चंद्र प्रकाश।
कुशीनगर/मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के रोआरी गांव के नरकटिया टोला और रामकोला ब्लॉक के खोटही गांव में बुखार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को दो बच्चियों की मौत हो गई। फिलहाल दोनों बच्चों की मौत की वजहों की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके पहले सात बच्चों की मौत हो चुकी है। इसमें एक बच्ची की मौत की पुष्टि लेप्टोस्पायरोसिस, दूसरे की एईएस और तीसरे की हेपेटाइटिस से मौत होने की पुष्टि हुई थी।
उधर, मंगलवार को दोनों गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और कैंप लगाकर लोगों की जांच की और दवा का वितरण किया। बुखार के मरीजों का सैंपल लिया गया। खोटही गांव में सीएमओ पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी ली। विशुनपुरा ब्लॉक के गांव रोआरी के टोला नरकटिया में एक सप्ताह के भीतर बुखार और उल्टी-दस्त ने कहर बरपाया है। दो बच्चियों की मौत के बाद मंगलवार को सीएचसी विशुनपुरा की स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची और बीमार छह से अधिक बच्चों के खून का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों से सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील किया गया। रविवार की देर रात बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित लालबाबू की आठ वर्षीय बेटी किंजल की रामकोला सीएचसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले दो दिसंबर की रात भरत चौहान की सात वर्षीय पुत्री सलोनी की मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को टोला नरकटिया पहुंची और बुखार, उल्टी-दस्त एवं पेट दर्द से पीड़ित बच्चों काजल (15) पुत्री रामनरेश चौहान, गोलू (4) पुत्र संतोष, खुशी (11) पुत्री मुन्ना, पवन (10) पुत्र भरत चौहान, संध्या (8) पुत्री श्रवन, अवनीश (5) पुत्र काशी के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया।
टीम के डॉ. अजय प्रताप राय ने पीड़ित परिवारों को साफ-सफाई पर ध्यान देने, ठंड से बचने और केवल गर्म पानी पीने की सलाह दी। वहीं, काफी समय से खराब पड़े इंडिया मार्क हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें दुरुस्त करा दिया गया है। खोटही गांव के फकीरा टोला निवासी हेमंत चौरसिया की चार वर्षीय बेटी अर्पिता के परिजनों ने सीएमओ को बताया कि छह दिसंबर की शाम को उसको उल्टी हुई।
सात को सुबह उल्टी होने पर परिजन एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। हेमंत चौरसिया उसी डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करते है। यहां से बच्ची को पडरौना के एक निजी डॉक्टर के पास भेजा, बच्ची को झटका आ रहा था, वहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा।