कसया। करहिया हजारी पट्टी गांव निवासी राहुल और उसका भाई विवेक विदेश भेजने के नाम पर ठगी का खेल पांच साल से अधिक समय से खेल रहे हैं। कसया कस्बे में अस्थायी कार्यालय खोलकर बेरोजगारों से ठगी करने के बाद पूर्वांचल के अलावा बिहार के पड़ोसी जिले में बेरोजगारों को भी निशाना बनाया है। लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से ठगी के आरोपी राहुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कसया थाने की पुलिस इनकी जालसाजी के रिकाॅर्ड खंगाल रही है।
कसया थाना क्षेत्र के करहिया हजारी पट्टी गांव निवासी राहुल सिंह और इसका भाई विवेक सिंह कसया में विदेश भेजने के लिए अस्थायी कार्यालय खोल रखा था। कार्यालय में बिहार प्रांत के भी कुछ युवक काम करते थे। विदेश भेजने के नाम पर कई युवकों से ठगी की। कई बार थाने तक मामला गया, लेकिन अधिकतर में पंचायतन समझौता हो गया। गांव वालों का कहना है कि गांव में दोनों भाई बहुत कम रहते हैं।
एक सप्ताह पूर्व दोनों भाइयों ने श्यामपुर हतवा गांव के आकाश कुमार को बिल्डर के यहां काम करने के लिए किर्गिस्तान भेजा। वहां आकाश को मजदूरी करनी पड़ी। आकाश लौट आया और रकम मांगी तो दोनों भाइयों ने विवाद किया। कई बार थाने पर शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों भाइयों व एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की। इसी तरह गोरखपुर के कैंपियरगंज थाने में भी राहुल पर प्राथमिकी दर्ज है। वह अमेरिका भागने की फिराक में था, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को गांव में इसकी चर्चा रही।
राहुल पर कसया में दर्ज है चार प्राथमिकी-
ठगी के आरोपी राहुल सिंह पर कसया थाने में चार प्राथमिकी दर्ज हैं। इसमें दो मामले मारपीट और दो ठगी के हैं। वहीं, उसके भाई विवेक सिंह सिर्फ एक प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस अन्य जिलों में राहुल पर हुई कार्रवाई का ब्योरा जुटा रही है।
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-जालसाजों से जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं। कितने लोगों के साथ आरोपियों ने जालसाजी की है, इसका पता लगाया जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही हैं। उनकी पूरी हिस्ट्री और लिंक खंगाली जा रही है। हाल ही में दोनों भाईयों पर एक जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। -कुंदन सिंह, सीओ कसया