पडरौना। आधार कार्ड में हुई गड़बड़ी लोगों के जी का जंजाल बन गया है। उसमें हुई गड़बड़ी ठीक कराने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हालत यह है कि नाम, जन्मतिथि समेत अन्य गड़बड़ी को सही कराने के लिए तीन से चार बार बीआरसी, डाकघर, बैंक समेत अन्य आधार संशोधन केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इसका खामियाजा पढ़ने वाले बच्चों और किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए सरकार फार्मर रजिस्ट्री करा रही है। किसान रजिस्ट्री भी की जा रही है। इसके लिए हर दिन माॅनीटरिंग हो रही है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारी और सीएससी संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके बावजूद अभी भी काफी संख्या में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इसका मुख्य कारण आधार और खतौनी में नाम नहीं होना, मेन खतौनी में तहसील के आदेश के कालम में लाभार्थी किसान का नाम नहीं होना बताया जा रहा है।
एक सीएससी संचालक ने बताया कि पहले तो सर्वर ठीक से काम नही कर रहा था, लेकिन अब जब सर्वर काम सही से करना शुरू हुआ तो लोगों के आधार में नाम मिसमैच, मेन खतौनी में नाम नहीं होने की वजह से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
साड़ी खुर्द के किसान अबुल हसन ने बताया कि आधार व खतौनी में नाम मिसमैच है। शुरू में ही सीएससी केंद्र पर जाकर आधार में हुई गड़बड़ी सही कराने के लिए गया था, लेकिन अभी तक सही हो सकी है। इसकी वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हों पा रही है। साड़ी खुर्द के ही किसान बैरिस्टर का कहना है कि गांव के पंचायत भवन पर कैंप लगा था। जब मैं खतौनी व आधार लेकर पहुंचा तो पता चला कि आधार के नाम व खतौनी के नाम में अंतर है। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। लछिया देवरिया निवासी किसान मकसूद आलम ने कहा कि जब सीएससी केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रपत्र दिया। तब पता चला कि एक खेत के नाम में आधार नाम व खतौनी नाम की भिन्नता है। अन्य खतौनी में नाम आदेश के कलाम में है, जिस वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई।
शिक्षकों का कहना है कि अपार आईडी बनाने में एक नहीं कई दिक्कतें आ रही हैं। शिक्षकों ने बताया कि बच्चों के आधार कार्ड में नाम, नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और पता सही नहीं है। अभिभावकों को इस गड़बड़ी जानकारी होने पर वे आधार में सुधार करवाने में के लिए एक-एक सप्ताह तक आधार संशोधन केंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
अपार आईडी में सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के शिक्षकों को हो रही है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वर की समस्या बनी रह रही है। इससे अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। इसके अलावा अभिभावकों का आधार कार्ड में भी नाम मिसमैच है, जिसकी वजह से भी दिक्कत हो रही है।