पिपरा कनक। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नया हिजरी वर्ष बुधवार से शुरू होगा। इसी दिन मुहर्रम महीने की पहली तारीख यानी 1 मुहर्रम होगी। मुस्लिम समुदाय नए साल का स्वागत दुआओं, इबादत और आत्ममंथन के साथ करेगा।
मौलाना हाशिम रजा गौहरा ने बताया कि इस्लाम में मुहर्रम को चार पवित्र महीनों में शामिल किया गया है। यह महीना त्याग, सब्र, संयम और अल्लाह की इबादत का संदेश देता है। हिजरी नववर्ष के अवसर पर मस्जिदों और घरों में विशेष दुआओं का आयोजन किया जाएगा तथा लोग अपने जीवन में नेक कार्यों को अपनाने का संकल्प लेंगे। उन्होंने कहा कि मुहर्रम के महीने में रोजा रखने और अधिक से अधिक इबादत करने की विशेष परंपरा है। इस महीने की 10वीं तारीख, जिसे यौमे आशूरा कहा जाता है, इस्लामी इतिहास में विशेष महत्व रखती है। धार्मिक जानकारों ने लोगों से नए साल की शुरुआत आपसी भाईचारे, शांति और मानवता की भावना के साथ करने की अपील की है। उनका कहना है कि हिजरी नववर्ष आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।