पडरौना। डीजल-पेट्रोल की कीमत में पूर्व में हुई वृद्धि के चलते आम जनता से लेकर कारोबारी प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में बिजली निगम की ओर से 10 फीसदी सरचार्ज में वृद्धि करने के फैसले से कारोबारियों के साथ आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा। जबकि, पहले से ही महंगाई के कारण परिवहन, माल भाड़ा और रोजमर्रा के सामान की बढ़ी कीमत से लोग परेशान थे। फिर इसमें बिजली की बढ़ी दरों से लोगों का बजट पूरी तरह से बिगड़ जाएगा। इस गर्मी के मौसम में एसी, कूलर व बिजली के उपकरणों के बिना रहना मुश्किल है। ऐसे में हर यूनिट पर बढ़ा सरचार्ज उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ाएगा। शहर के कारोबारियों का कहना है कि ईंधन की महंगाई से ट्रांसपोर्ट खर्च में वृद्धि के चलते ग्राहकों की संख्या में कमी आई है तो वहीं अब बिजली निगम की तरफ से सरचार्ज में वृद्धि से खर्च बढ़ जाएगा जबकि उसके सापेक्ष आय का कोई नया स्रोत नहीं बन पा रहा है। उन्हें पूर्व के ही संसाधन से हो रहे आय से ही सरचार्ज को देना होगा।
बोले उपभोक्ता-
डीजल-पेट्रोल के दामों में अब तक चार बार में हुई वृद्धि से सामान के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में बिजली पर 10 फीसदी सरचार्ज बढ़ा दिया गया। गर्मी के मौसम के चलते बिजली का बिल वैसे ही अधिक आता है, अतिरिक्त बोझ से और बोझ बढ़ जाएगा। -शैलेश कुमार, उपभोक्ता
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घरेलू बजट को संभालना मुश्किल होता जा रहा है। दूध, राशन के खर्चों के बीच बिजली बिल में यह बढ़ोतरी सीधे हमारी बचत को प्रभावित करेगी। सरकार को आम जनता को राहत देना चाहिए न कि इस तरह फरमान जारी कर परेशान करना चाहिए। -सिद्धार्थ वर्मा,उपाभोक्ता
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आय के स्रोत तो बढ़ नहीं रहे हैं, लेकिन हर महीने सरकार के नए नियमों के चलते खर्चे बढ़ते रहते हैं। डीजल-पेट्रोल महंगा होने से आवागमन का खर्च बढ़ गया है। ऐसे लागू किए जाने वाले नए निर्णयों के चलते मध्य वर्ग के लोगों का जीना मुश्किल होता जा रहा है। -शिवलाल गोंड, तुलसी आवास विकास कॉलोनी
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गर्मी के मौसम में बिना पंखे, कूलर व एसी के काम नहीं चलने वाला है। बिजली महंगी की जा रही है। इससे पहले डीजल-पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से खर्च बढ़ गया है जबकि आमदनी में कोई इजाफा नहीं हुआ है। आमदनी सीमित होती जा रही है। -गौतम शुक्ल, राजपूत कॉलोनी
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कारोबारी और उद्यमी बोले-
पहले से बाजार में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। बिजली महंगी होने से खर्च बढ़ेगा। जब व्यापार की लागत बढ़ेगी और बिक्री कम होगी, तो कारोबारियों के पास अपने खर्च में कटौती के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। इससे ग्राहकों को दी जा रही सुविधाओं में कटौती करनी पड़ेगी। -संजीव कुमार, सराफा व्यापारी
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डीजल महंगा होने से माल भाड़ा बढ़ा है। दुकानों तक माल पहुंचना महंगा हुआ है। अब दुकानों में एसी-लाइट का खर्च 10 फीसदी बढ़ जाएगा। अचानक बढ़े खर्च को हम ग्राहकों पर नहीं डाल सकते हैं। बाजार में पहले से ही मंदी है। इससे आमदनी घटेगी और खर्च बढ़ेगा। -अखिलेश अग्रहरी, कपड़ा कारोबारी
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डीजल-पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी का असर दवा कारोबार भी पड़ा है। हर दवाओं के दामों में 15 से 20 फीसदी तक कीमत में वृद्धि हुई है। दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीज आदि का उपयोग किया जाता है। अब बिजली की दर में इजाफा से और बोझ बढ़ेगा। -छोटे शर्मा, दवा करोबारी, सुकरौली
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बिजली निगम के सरचार्ज बढ़ाने के निर्णय से दुकान का खर्च बढ़ेगा। आमदनी घटेगी। जबकि दुकान में ग्राहकों के आकर्षण के लिए दिनभर लाइटें जलानी पड़ती हैं। इससे बिजली की होने वाली खपत पर अधिक खर्च करना होगा। ग्राहकों को इस सरचार्ज के इजाफे के साथ दाम में कोई वृद्धि नहीं की जा सकती है। -दिलीप, मोबाइल कारोबारी, सुकरौली