- चलती कार से गर्भवती युवती को फेंके जाने के मामले में थाने में हुआ समझौता, दोनों साथ रहने के लिए राजी
- पुलिस के समझाने पर बहन के साथ देवरिया लौटी युवती
गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में चलती कार से गर्भवती युवती को फेंके के मामले में शुक्रवार को समझौता हो गया। प्रेमी ने युवती को साथ रखने की व्यवस्था के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी है। इसके बाद युवती अपनी बहन के साथ देवरिया के पथरदेवा स्थित उसके घर चली गई। वहीं, पुलिस ने एक दिन पहले हुए विवाद के मामले में आरोपी युवक और उसके दोस्त का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया, एसडीएम कोर्ट से दोनों को जमानत मिल गई।
बृहस्पतिवार की शाम नेशनल हाईवे पर मधुरिया चौकी के पास कार से युवती को फेंसे जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। मूलत: कोलकाता की रहने वाली घायल युवती का फाजिलनगर सीएचसी में इलाज कराया गया। प्रारंभिक बयान में युवती ने पुलिस को बताया था कि वह दो माह की गर्भवती है और उसका प्रेमी गर्भपात के लिए दबाव बना रहा था। विरोध पर मारपीट के बाद चलती कार से फेंक दिया। पुलिस ने युवती के बताए मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी और उसके साथी को ट्रेस किया और बृहस्पतिवार की देर शाम हिरासत में ले लिया था। वहीं, युवती को वन स्टॉप सेंटर में रखवाया था।
शुक्रवार को पुलिस ने देवरिया में रहने वाली युवती की बहन और युवक के परिजनों को भी थाने बुलवाया। युवती ने इस मामले की कार्रवाई के बजाय शादी कर युवक के साथ रहने की इच्छा जताई। वहीं युवक ने भी अपनी गलती मानते हुए युवती के साथ विवाह कर उसे साथ रखने पर सहमति जाहिर की। युवक ने व्यवस्था के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी है। पुलिस ने शांति व्यवस्था के लिहाज से युवती के प्रेमी और उसके दोस्त का चालान कर दिया। थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि युवती सुरक्षित है, उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। यदि भविष्य में किसी पक्ष की ओर से नई तहरीर या शिकायत मिलती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।