रामकोला/लक्ष्मीगंज। रामकोला थाना क्षेत्र के पगार टांडी टोला छोटी गंडक नदी के पास झाड़ी में जंगली सूअर पकड़ने के लिए लगे जाल में तेंदुआ फंस गया। सुबह शिकारी गया तो तेंदुए को देख उसके होश उड़ गए और गांव में आकर शोर मचाया।
गांव वालों की भीड़ सरेह की ओर दौड़ पड़ी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों को तेंदुए के करीब जाने से रोका और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर डीएफओ पहुंचे और ड्राेन की मदद से तेंदुए को देखने के बाद उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दिया। शाम को छह बजे पहुंची चिड़ियाघर से टीम ने करीब आधे घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को अचेत दिया। इसके बाद पिजड़े में तेंदुए को टीम ने कैद कर अपने साथ लेकर चली गई।
रामकोला थाना क्षेत्र के ग्राम सभा पगार टांडी टोला के समीप छोटी गंडक नदी के तट के पास झाड़ी के बगल में शिकारियों की ओर से अक्सर सूअर फंसाने के लिए जाल लगाया जाता है। शिकारी बुधवार की सुबह करीब छह बजे सरेह की ओर गया तो जाल में तेंदुए को फंसा देख शोर मचाते हुए गांव में पहुंचा। तेंदुए की फंसने की सूचना मिलते ही गांव वाले सहम गए और लाठी डंडा लेकर सरेह की ओर पहुंचे तो भीड़ को देख तेंदुआ दहाड़ें मारने लगा। उसका एक पैर जाल में फंसा था।
गांव वालों की सूचना पर खोटही चौकी प्रभारी मनोज कुमार द्विवेदी को दी। मौके पर सिपाहियों के साथ चौकी इंचार्ज पहुंच गए और झाड़ी के किनारे पहुंचे लोगों को वहां से हटाया। चौकी इंचार्ज ने वन विभाग के डीएफओ वरुण सिंह और नायब तहसीलदार कप्तानगंज जितेंद्र कुमार सिंह को दी। मौके पर पहुंच कर जाल बिछवाया। डीएफओ ने वरुण सिंह व नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह ने ड्रोन से तेंदुआ की स्थिति को देखने के बाद डीएफओ ने गोरखपुर चिड़ियाघर को सूचना दी। पूरे दिन टीम सरेह में जमी रही। शाम को गोरखपुर से पशु चिकित्सक डॉ. योगेश के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन से जाल में फंसे तेंदुए को इसकी मदद से बेहोश किया। इसके बाद उसे पिजड़े में कैद किया।