गंडक नदी की बाढ़ में दस घर बहे
खड्डा (कुशीनगर)। क्षेत्र की सीमा से सटे बिहार के कांटी टोला में शुक्रवार की रात दस घर बाढ़ की तीव्र धारा में बह गए। बाढ़पीड़ितों ने किसी तरह दो किलोमीटर नाव से सफर कर सालिकपुर पहुंचकर जान बचाई। अभी भी गांव पानी से भरा है। शुक्रवार को ही बिहार के पुलिसकर्मियों को गांव से बाहर निकलना पड़ा था।
खड्डा क्षेत्र के महदेवा गांव से सटे बिहार के बगहां अनुमंडल के पिपरासी प्रखंड के ग्राम पंचायत सेमरा लबेदहा का कांटी टोला बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। यहां पहुंचने के लिए सालिकपुर, महदेवा के रास्ते ही लोग आते-जाते हैं। गंडक नदी यहां कटान करते हुए गांव के पास तक पहुंच चुकी है। अचानक आई बाढ़ से इस टोले के सवा सौ घरों में पानी घुस गया है।
शुक्रवार की रात में इस टोले के दस घर नदी की धारा में बह गए। शनिवार की शाम ग्राम पंचायत की मुखिया मनोरमा देवी के सहयोग से नाव से सालिकपुर पहुंचे विशुन बीन, सज्जन बीन, महेंद्र बीन, रामप्रीत बीन, भागवत साहनी, लालपहाड़ी, शिवनाथ बीन, चंद्रभान, चंचल, निरंजन ने आपबीती बताते हुए कहा कि हम लोगों के घर बह गए हैं। मुखिया का आभार है कि उन्होंने नाव से बाहर निकलवाया है। शुक्रवार दिन में कांटी टोला में स्थापित बिहार पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी असलहा के साथ फंस गए थे। वे नाव से सालिकपुर पहुंचे थे।
इस संबंध में मुखिया (प्रधान) मनोरमा देवी का कहना है कि गांव के दस लोगों के घर पानी में बह गए हैं। सभी को परिवार सहित नाव से सालिकपुर लाया गया है। उनके खाने-पीने, रहने की व्यवस्था की जा रही है। बिहार के पदाधिकारियों को जानकारी दी गई है।
विधायक कटान का निरीक्षण किया
लक्ष्मीगंज। रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध ने शनिवार को काशी छपरा गांव के छोटी गंडक नदी पर बने पुल के दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग के क्षतिग्रस्त होने तथा गंडक नदी के बरवाडीह घाटपर हो रहे कटान का निरीक्षण किया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश दिया। संवाद