पडरौना। देवरिया के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में अब इंसाफ की आवाज तेज हो गई। पीड़ित परिजन मामले की निष्पक्ष व समयबद्ध तरीके से सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से आरोपियों को तत्काल निलंबित करने, परिवार को एक करोड़ की आर्थिक मदद, पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को पेंशन दिलाने, बच्चों के भरण-पोषण और मुफ्त शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की मांग की है।
पति की मौत के बाद बदहवास पत्नी गुड़िया सिंह ने प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। 10 वर्षीय बेटी आस्था सिंह और पांच वर्षीय बेटे आदित्य सिंह के भविष्य को लेकर चिंतित गुड़िया ने मंगलवार को कहा कि उन्हें न्याय चाहिए, आश्वासन नहीं। सरकार मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराए, जिससे उन चेहरों को बेनकाब किया जा सके, जिनकी वजह से उनका सुहाग उजड़ गया। वह सरकार से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, बच्चों के पालन-पोषण के लिए सरकारी नौकरी और नियमित पेंशन की मांग की है। बेसहारा हुए बच्चों की पूरी पढ़ाई और परवरिश का जिम्मा सरकार अपने हाथों में ले, मामले में आरोपियों को निलंबित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। कहा कि मेरे पति को तो वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन इन मेरे मासूम बच्चों को सड़क पर आने से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है। हमें न्याय चाहिए।
देवरिया जिले के गौरी बाजार ब्लॉक के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने बीते दिनों गोरखपुर स्थित आवास पर खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने चार पेज के सुसाइड नोट में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, पटल सहायक संजीव सिंह पर तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने सुसाइड नोट में प्रति शिक्षक चार लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया। मृतक कृष्ण मोहन सिंह की पत्नी की तहरीर पर गोरखपुर के गुलरिहा थाने में पुलिस ने बीएसए शालिन श्रीवास्तव, पटल सहायक (लिपिक) संजीव सिंह और एक अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। मृतक कृष्ण मोहन सिंह कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग के रहने वाले थे।
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अधिकतर बाबू रहते हैं गोरखपुर में
कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया ने बताया कि देवरिया बीएसए कार्यालय के कई बाबू गोरखपुर में रहते हैं। देर रात तक वे अपने आवास पर बुलाते रहते थे। कई बार बीएसए भी गोरखपुर उन बाबू के आवास या होटल पर आती थी। पति को घर आने में जब रात होती थी तो पूछने पर यही बताते थे। उन्होंने बताया कि बाबू संजीव सिंह का फोन आने के बाद कृष्ण मोहन तनाव में आ जाते थे। वह बताते थे कि बलिया जिले के रहने वाले संजीव की पहुंच शासन तक है। रामनाथ देवरिया में मकान बनवाकर रहता है। बीएसए का काफी करीबी बताया जाता है।