पडरौना। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अब अभिभावकों की राय भी महत्वपूर्ण होगी। विद्यालयों में गठित शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठकों में अभिभावक स्कूल की व्यवस्थाओं और बच्चों से जुड़ी समस्याओं के सुधार पर सुझाव देंगे। इन सुझावों को बैठक में मौजूद नोडल अधिकारी दर्ज करेंगे, ताकि संबंधित विभाग तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई कराई जा सके।
जिले के सभी स्कूलों में शिक्षक-अभिभावक संघ का गठन किया गया है। इसके तहत समय-समय पर बैठक आयोजित कर अभिभावकों से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बच्चों की उपस्थिति, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर जानकारी ली जाएगी। अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाई के दौरान आने वाली दिक्कतों के साथ ही विद्यालय में जरूरी सुधार को लेकर भी सुझाव दे सकेंगे। बैठकों में केवल शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद तक मामला सीमित नहीं रहेगा।
नोडल अफसर अभिभावकों की ओर से रखे गए महत्वपूर्ण सुझावों और समस्याओं को दर्ज करेंगे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे विद्यालय स्तर की छोटी-बड़ी समस्याओं की जानकारी विभाग तक पहुंचने में आसानी होगी। अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई को लेकर भी सहयोग की अपेक्षा की जाएगी। वहीं शिक्षक बच्चों की शैक्षिक प्रगति, कमजोर विषयों और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में अभिभावकों को जानकारी देंगे। इस संवाद के माध्यम से घर और स्कूल के बीच बेहतर समन्वय बनाने की कोशिश होगी।
वर्जन
विद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने में अभिभावकों की भागीदारी अहम है। स्कूल में बच्चों को किन सुविधाओं की जरूरत है और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसकी जानकारी अभिभावकों के माध्यम से आसानी से मिल सकती है। ऐसे में बैठकों में मिले सुझावों को विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उपयोग किया जाएगा। - अनिल कुमार सिंह, बीएसए