तमकुहीरोड। सेवरही चीनी मिल के साथ प्रदेश की अधिकतर चीनी मिलों में पेराई सत्र का आगाज हो गया है, किंतु अब तक गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं की गई है। किसानों में असमंजस की स्थिति है। क्षेत्र के किसानों ने महंंगाई को देखते हुए प्रदेश सरकार से गन्ने का लाभकारी मूल्य साढ़े चार सौ रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
गन्ना बहुल सेवरही क्षेत्र के दोमाठ, सेवरही, तरयासुजान, अहिरौलीदान, राजपुर खाश, पिपराघाट, जमुआन, जंगलीपट्टी, सुमही संतपट्टी, बगही, भुलिया, मेहदीया, बाक खाश, बाघा चौर में लगभग चौबीस हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर किसान गन्ने की खेती करते हैं। इनकी आर्थिक स्थिति गन्ने पर निर्भर करती है।
वर्ष 2017 के प्रथम कार्यकाल में यूपी सरकार ने गन्ना मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल तो 2022 में 25 रुपये प्रति क्विंटल और 2023-2024 में 20 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि की गई थी। किसानों को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए प्रदेश सरकार लाभकारी गन्ना मूल्य की घोषणा करेगी। गन्ना किसान प्रभुनाथ यादव, प्रदीप सिंह, परमेन्द्र जायसवाल, हरेंद्र यादव, ध्रुव निषाद, सरल शर्मा, बृजकिशोर साहनी, मनोज गुप्ता सहित अन्य किसानों ने गन्ने की खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए प्रदेश सरकार से पेराई सत्र 2024-2025 के लिए गन्ने का लाभकारी मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की है।