पडरौना। हाईवे पर कमजोर निगरानी के मामले में कसया के थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह और दरोगा संतोष उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया, जबकि तरयासुजान थाने के बार्डर स्थित बहादुरपुर चौकी के इंचार्ज धर्मबीर सिंह और तिनफेड़िया चौकी इंचार्ज शिवम द्विवेदी को एसपी ने सोमवार को लाइन हाजिर कर दिया।
एसपी की क्राॅस चेकिंग में इन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर यह कार्रवाई हुई है।
गोरखपुर से गोपालगंज को जोड़ने वाले हाईवे से होने वाले पशु तस्करी, शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए एसपी ने 90 से अधिक बैरियर लगवाने के अलावा निगरानी बढ़ाई है। पूरी रात बिहार में एंट्री करने वाले मालवाहनों की चेकिंग होती है। एसपी की ओर से कराई गई क्राॅस चेकिंग में पता चला कि कसया थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह, दरोगा संतोष उपाध्याय, तरयासुजान थाना क्षेत्र के तिफेड़िया और बहादुरपुर चौकी इंचार्ज निगरानी में लापरवाही बरत रहे हैं। इसके चलते अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
जांच के बाद एसपी ने थानाध्यक्ष और दरोगा को निलंबित कर दिया, जबकि दोनों चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया। चारों पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद बार्डर और हाईवे से जुड़े थानाध्यक्ष और दरोगा की बेचैनी बढ़ गई है।
पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व पशु तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। पकड़े गए पशु तस्करों ने पशु लादने का जो स्थान बताया था वह कसया थाना क्षेत्र का था। साथ ही बिहार ले जाने का रास्ता दोनों चौकी क्षेत्र का बताया था। इसी आधार पर जांच कराने के बाद कार्रवाई हुई है।