पकवाइनार। सावन पूर्णिमा पर मुख्य परिनिर्वाण मंदिर में शुक्रवार को बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध की विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की गई। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
बौद्ध धर्म में सावन मास का विशेष महत्व माना जाता है। वर्षाकाल शुरू होने के साथ ही बौद्ध भिक्षु एक स्थान पर रहकर पूजा-अर्चना, ध्यान और ज्ञान अर्जन करते हैं। इस अवधि को आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
सावन पूर्णिमा पर कुशीनगर पहुंचे सैकड़ों बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं ने मुख्य परिनिर्वाण मंदिर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की। भिक्षुओं ने बुद्ध वंदना और ध्यान के साथ विश्व में शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध को चीवर भी अर्पित किया।
इस दौरान वियतनाम, श्रीलंका, थाईलैंड वर्मा आदि विभिन्न देशों से आए बौद्ध अनुयायियों ने भी पूजा अर्चना में भाग लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन बौद्ध धर्मावलंबियों की आस्था और श्रद्धा का माहौल बना रहा। संवाद