पडरौना। पुलिस पर हमले के साथ तस्करी और अन्य संगीन मामलों में लिप्त पिछले वर्षों में कोतवाली पडरौना क्षेत्र के बसहिया बनवीरपुर के कुख्यात गो-तस्कर रियाज उर्फ ननकी कई बार पुलिस के हाथ चढ़ा।
गैंगस्टर की कार्रवाई हुई और हिस्ट्रीशीट भी खुली। बावजूद उसका गोवंश तस्करी से उसने तौबा नहीं की। कई अन्य तस्करी के मामलों में उसकी संलिप्तता मिलने के बाद गिरफ्तार करने के लिए उसके पीछे दौड़ी पुलिस को काफी संघर्ष करना पड़ा।
गिरफ्तारी के लिए दारोगा ने खेत में दौड़ लगाई तो धरपकड़ और स्थलीय सत्यापन के लिए खुद एसपी गांव पहुंचे, लेकिन ननकी पुलिस के हाथ नहीं आया और तस्करी को बदस्तूर जारी रखने के लिए पुलिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे लेकर तस्करी के गैंग को फ्रंट से लीड करने लगा। सूत्रों के मुताबिक इन दिनों पश्चिमी यूपी के इलाकों से होने वाली तस्करी में हाथ होने के साथ रियाज अपने गैंग के सदस्यों को लाइनर की भूमिका अदा करने का टास्क देकर पशुओं की खेप को विभिन्न रास्तों से कुशीनगर की सीमा से पार करा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के कारण पुलिस भी उसका कुछ नहीं कर पा रही है और अपने आला अधिकारियों से यही कहकर बच रही है।
पश्चिम छोर मुजफ्फरनगर शामली आदि जिलों से होनी वाली तस्करी में जिले के पडरौना, तुर्कपट्टी, तमकुही आदि क्षेत्रों के तस्करों की भूमिका और पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनबीरपुर निवासी रियाज उर्फ ननकी के देखरेख में संचालित गैंग को लेकर अमर उजाला में 28 दिसंबर के अंक में बसहिया में पशु तस्करों का संजाल...तुर्कपट्टी भी कम बदनाम नहीं..., भाड़े पर समान ढुलाई के लिए पिकअप लेकर तस्करी... आदि पहलुओं पर खबर प्रकाशित की तो डीआईजी आनंद कुलकर्णी के निर्देश पर कुशीनगर पुलिस एक्शन मोड में आई थी। एसपी के नेतृत्व में सभी सीओ की तफ्तीश के बाद नए साल के पहले ही दिन पुलिस ने 59 तस्करों पर शिकंजा कसा। इसमें 24 पर गैंगस्टर, 15 पर गुंडा एक्ट और 12 तस्करों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। आठ अपराधियों के खिलाफ गैंग पंजीकरण की कार्रवाई हुई।
इसके बाद रियाज उर्फ ननकी का नाम आया तो एसपी खुद स्थलीय सत्यापन के लिए बसहिया गांव पहुंच गए। एसपी के पहुंचने की सूचना से पहले ही कुख्यात सरगना रियाज ननकी गांव छोड़ फरार हो गया था। पुलिस की सख्ती को लेकर भय हुआ तो उसने हाईकोर्ट की शरण ली और पुलिस को चुनौती देते हुए स्टे ले लिया और पडरौना कोतवाली पुलिस सिर्फ उसका लोकेशन ट्रेस करने में लगी रही। सूत्रों की माने तो ननकी अरेस्ट स्टे लेने के बाद अपने गैंग के लोगों को फिर लीड करने लगा है। इन दिनों गांवों की पगडंडियों से पशुओं की खेप को पश्चिम चंपारण के इलाके से बिहार में दाखिल करा रहा है। इसके इस गैंग में पड़ोसी प्रांत बिहार के मधुबनी क्षेत्र के कुछ तस्कर हैं।
स्टे के कारण पुलिस ननकी पर कानूनी शिकंजा कसने से कतरा रही है और पुलिस का सूचना तंत्र इतना कमजोर हैं कि गांव में आकर ननकी रात बीताकर चला जा रहा है और कोतवाली पुलिस को भनक तक नहीं लग रही है। इसके पहले भी दिसंबर में इस पर गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ हिस्ट्रीशीट भी खुली थी।