पकवा इनार। चुनावी जीत हार की चर्चा जोरों पर है। कौन जीतेगा कौन हारेगा यह अलग बात है। लेकिन चुनावी चकल्लस का दौर एक जून को मतदान के बाद से हर जगह हो रही है। हर कोई अपने गुणा गणित से जिता और हरा रहे हैं। सबके अपने-अपने तर्क हैं। उन्हें सिरे से खारिज भी नहीं किया जा सकता, लेकिन एग्जैट कहना भी जल्दबाजी होगी। मतगणना आज होनी है। परिणाम आते ही सारे कयासों से पर्दा उठ जाएगा और वजह का भी पता चल जाएगा।
शाम छह बजे
बिरला धर्मशाला के सामने चाय की दुकान पर चुनावी जीत हार पर क्षेत्र के हंसनाथ राय, विपिन विहारी पांडेय, गुड्डू गुप्ता, रविंद्र चौबे, हरिओम सिंह व अमानत खां चाय की चुस्की के साथ चर्चा करते हुए मिले। इनमें हंसनाथ राय व रविंद्र चौबे ने एग्जिट पोल के आंकड़ों पर मुहर लगाते हुए मिले। लेकिन वहीं अन्य उनके एग्जिट पोल के आंकड़ों से सरोकार नहीं रखते हुए अपनी बात कह रहे थे। जातिगत आधार अगर हावी रहा तो परिणाम भी कुछ और ही होगा।
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शाम 6.15 बजे
इंपीरियल होटल के सामने चाय की दुकान पर लड्डू और चाय व नमकीन के साथ मिले मुहम्मद युसूफ, मुहम्मद खालिद, शैलेष कुमार कश्यप व आनंद मोहन श्रीवास्तव समेत अन्य कई मंगलवार को होने वाले मतगणना के परिणाम पर चर्चा में मशगूल थे। ये सभी अपने-अपने तरीके से मुद्दे और जातिगत आधार पर गुणा गणित करते रहे। कोई एनडीए को तो कोई इंडी गठबंधन को भी जीत के नजदीक बता रहे थे। जीत क्यों होगी, उनके अलग-अलग तर्क और सिद्धांत है। हालांकि कौन जीत का विजय का रथ फहरायेगा,उहको लेकर असमंजस भी बातचीत में प्रतीत हो रसा था।