तमकुहीराज। गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच की ओर से तमकुहीराज ब्लॉक के बरवा राजा पाकड़ (टोला जमुआन ) में प्रशिक्षण गोष्ठी की गई। इसमें गन्ने के साथ आलू, प्याज, लहसून, गोभी, टमाटर, गेहूं, मूंग-उड़द, तोरिया, कद्दू आदि के बारे में सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने जानकारी दी।
सहफसली खेती के प्रशिक्षण का प्रभाव जानने के लिए सोमवार को सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता के साथ टीम गांव पहुंची। अपने अनुभव को साझा करते हुए प्रगतिशील किसान ओमप्रकाश सिंह उर्फ राजू सिंह ने बताया कि 10 से 12 एकड़ में गन्ने की छह प्रजातियों की खेती की हैं। गन्ने के साथ मार्च में उड़द की बुआई की। उड़द की प्रजाति नरेंद्र उड़द-1 है, जो 70 से 75 दिनों में पक गया है। इसका लाभ हुआ कि जिस खेत में उड़द बोया गया, उस खेत में गन्ने की फसल अन्य से बेहतर है। खरपतवार-घास का प्रभाव कम है। एक एकड़ में करीब ढाई क्विंटल उड़द निकला है। गन्ने के साथ उड़द की खेती दोहरा लाभ दे रही है। गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष सिंह गन्ने की प्रजाति का निरीक्षण करने भी पहुंचे थे।