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Kushinagar News: घने कोहरे में बढ़ी पशु तस्करी की रफ्तार

Sun, 02 Feb 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना/गुरवलिया बाजार। पशु तस्करी की रफ्तार कम नहीं हो पा रही है। एक तरीके पर अंकुश लग रहा है तो तस्कर तरीका बदल दे रहे हैं। अब तस्करों ने कोहरे का सहारा लेकर तस्करी का रास्ता चुना है।
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सुबह हाईवे के रास्ते से गोपालगंज और पश्चिम चंपारण से लगने वाले सीमावर्ती लिंक सड़कों पर तस्करों की गतिविधियां नजर आ रही हैं। बिहार में पशु तस्करी पर लगाम कसने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जबकि कुशीनगर में अभियान तो दूर, पुलिस चैन की नींद सोने में लगी है।
रविवार की सुबह करीब आठ बजे चारों धुंध छाया हुआ था। इस बीच पटहेरवा वाया पंचदेवरी और तमकुही राज वाया भोरे आदि सड़कों पर अधिकांश मालवाहक वाहन जाते दिखे। इसमें दूध वालों के अलावा, रसोई गैस सिलिंडर लदी गाड़ियां और पिकअप शामिल थे। तस्करी में गोवंश की खेप पहुंचाने में माध्यम बनी पिकअप गाड़ियों में अधिकांश पर नंबर प्लेट नहीं था। आधा घंटे में करीब छह पिकअप गुजरीं, जिसमें कुछ गिने चुने को छोड़ दें तो बाकी में किसी पर आगे नंबर प्लेट फॉग लाइट से ढका हुआ था तो किसी पर नंबर प्लेट ही गायब था। एक मैजिक गाड़ी पर गोवंश भी लदे नजर आए।
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वहीं दूसरी ओर दूसरी सीमा पश्चिम चंपारण से लगे गोडरिया, भितहा मार्ग पर का नजारा कुछ और दिखा। तस्करी का ट्रेंड तो वही था। पिकअप वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं थी। इसके अलावा इस सड़क पर गोवंश लदी पिकअप भी सीमा पार होते दिखीं। सूत्रों के अनुसार भोर से लेकर तड़के सुबह तस्कर गोवंश को सीमा पार कराकर खेप बिहार के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को हाईवे से जुड़े थानाध्यक्ष तस्करों पर शिकंजा कसने के बजाए दूसरे जिले से गोवंश पशुओं की तस्करी का पाठ पढ़ाकर गुमराह कर रहे हैं।
एक ओर कुशीनगर पुलिस राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाल बिछाए घात लगाए मुखबिरों के इंतजार में है तो यूपी-बिहार सीमा स्थित बलथरी चेकपोस्ट से भी तस्करों को डर है। ऐसे में तस्करी के नए ट्रेंड के साथ तस्कर लिंक सड़कों पर अधिक सक्रिय हो गए हैं। पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज और पश्चिम चंपारण की बगहा पुलिस रोको-टोको अभियान के तहत तस्करों को कभी कभार इन लिंक सड़कों पर पकड़ लेती है, लेकिन कुशीनगर जिले की पुलिस के पास ऐसा कोई विशेष अभियान नहीं चलाया है और ना ही लिंक सड़कों से जुड़ी चौकियों पर पुलिस की सक्रियता है।
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