गुरवलिया बाजार। फाजिलनगर फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर अव्यवस्था की लगातार छप रहीं खबरों का असर अब दिखने लगा है। रज्जब पिपरा कट पर नया संकेतक बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। गड्ढे भरने की प्रक्रिया भी शुरू कराने की बात कही गई है। इसके बावजूद, रविवार रात दो घंटे और सोमवार सुबह महुअवा कांटा से रज्जब पिपरा तक एक लेन पर करीब तीन किमी तक लंबा जाम लगा रहा।
जानकारों का कहना है कि अब भी डिवाइडर के फूल-पौधों और एक ही लेन पर बीच में कतारबद्ध प्लास्टिक सेफ्टी पोस्ट लगाने की जरूरत है। हाईवे पर फ्लाइओवर निर्माणाधीन होने और सर्विसलेन क्षतिग्रस्त होने के कारण फाजिलनगर कस्बे के अलावा हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों को जाम सु मुकाबला करना पड़ रहा है।
अफसरों के संज्ञान लेने के बाद जिम्मेदार सुरक्षा इंतजामों में कमी स्वीकार करते हुए छोटा सा सुधार शुरू कराकर मामले से इतिश्री कर ली। उप परियोजना प्रबंधक आलोक रंजन सिंह पहले भी गड्ढे भरने, संकेतक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन देते रहे, लेकिन मौके पर कई दिनों तक अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।
मामला एनएचएआई के डिप्टी जनरल मैनेजर एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर ललित पाल तक पहुंचने पर साइट इंचार्ज को दोबारा कड़े निर्देश दिए गए। इसके बाद रज्जब पिपरा कट पर संकेतक बोर्ड में ही रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। इसके बाद भी जाम की मुख्य वजह बरकरार है। निर्माण के कारण दोनों दिशाओं का यातायात एक ही लेन से गुजर रहा है। बीच में फ्लेक्सिबल डिलिनेटर (प्लास्टिक सेफ्टी पोस्ट) नहीं लगाए गए हैं। इससे वाहन बार-बार दूसरी लेन में आ जाते हैं। कई स्थानों पर गड्ढे भी यातायात को धीमा कर रहे हैं।
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार एक लेन पर दोनों दिशाओं के यातायात की स्थिति में सेंटर लाइन पर फ्लेक्सिबल डिलिनेटर लगाए जाने चाहिए ताकि वाहन अपनी लेन में रहें और दुर्घटना व जाम का खतरा कम हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा उपकरण बढ़ाना स्वागतयोग्य है लेकिन जब तक यातायात संचालन वैज्ञानिक तरीके से नहीं होगा, तब तक फाजिलनगर को जाम से राहत मिलनी मुश्किल है।
सिर्फ एनएचएआई नहीं, पुलिस-यातायात विभाग भी जिम्मेदार : फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने की दिशा में एनएचएआई ने कदम बढ़ाए हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि केवल संकेतक, रिफ्लेक्टर और गड्ढे भरने से समस्या खत्म नहीं होगी। एनएचआई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जाम से राहत के लिए पुलिस, यातायात विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी समान रूप से सक्रिय होना होगा। फाजिलनगर बाजार में हाईवे के दोनों किनारों पर अवैध स्टैंड, सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग, होटल-रेस्टोरेंट के सामने खड़े वाहन और बिना नियंत्रण के ई-रिक्शा व ऑटो संचालन जाम को और गंभीर बना रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण सड़क पहले ही संकरी हो चुकी है, ऐसे में थोड़ी सी भी अव्यवस्था कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगा देती है। एनएचएआई अधिकारियों ने माना है कि निर्माण स्थल पर जहां-जहां सुरक्षा उपकरणों की कमी है, वहां संकेतक, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा संयंत्र लगाए जाएंगे तथा गड्ढे भी भरे जाएंगे।
रविवार देर रात रज्जब पिपरा के पास दो घंटे तक लगा जाम।संवाद
रविवार देर रात रज्जब पिपरा के पास दो घंटे तक लगा जाम।संवाद