संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु, व्यापार बंधु और श्रम बंधु की बैठक हुई। इसमें पीएनबी की तरफ से घोर लापरवाही मिली।
इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी सरकारी खातों काे अन्य बैंकों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। वहीं कार्यों में उदासीनता बरतने पर विद्युत निगम के एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मेसर्स विशाल ट्रेडिंग कंपनी, मुसहर बस्ती, जंगल बेलवां, पडरौना की तरफ से इकाई तक संपर्क मार्ग का पक्का निर्माण एवं चौड़ीकरण विषयक मामला समिति के समक्ष रखा, जिस पर नगर पालिका परिषद, पडरौना के ईओ को प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड की बैठक में पास करवाने का आश्वासन दिया। मेसर्स सीएससी कुशीनगर सठियांव यूपी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सठियांव, फाजिलनगर के इकाई स्थल के संपर्क मार्ग के संबंध में तहसीलदार कसया ने बताया कि तहसील का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
इस सड़क पर मिट्टी भराई का कार्य कराने के लिए फाजिलनगर ईओ को कार्ययोजना में शामिल कर टेंडर कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह सुभाषितम इंडस्ट्रीज मालूडीह कसया की तरफ से इकाई स्थल पर सुचारु रूप से विद्युत आपूर्ति नहीं करने की शिकायती की। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एक्सईएन विद्युत को कारण बताओ नोटिस देने का निर्देश दिया।
बैठक में मिनी औद्योगिक आस्थान, नदवां विशुनपुर, फाजिलनगर के वर्ष 1990 में अधिग्रहित भूमि पर मिनी औद्योगिक आस्थान का निर्माण करने और वहां सुलभ शौचालय, छठ घाट, अमर ज्योति आदि का निर्माण करा दिया गया है, जिसके सुधार का मामला समिति के समक्ष रखा गया। इस पर तहसीलदार कसया से विस्तृत चर्चा कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीएम ने उप्र ग्लोबल यूपी इन्वेस्टर्स समिट के तहत एमओयू कियान्वयन की स्थिति, अक्रियाशील इकाइयों की समस्याओं का निराकरण करने, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओ पी ऋण योजना के तहत बैंकवार प्रगति समीक्षा की गई। इसमें पुराने लंबित प्रकरणों की समीक्षा दौरान पीएनबी बैंक की तरफ से मई से लंबित पत्रावलियों को निस्तारित नहीं करने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि बैंक स्तर पर लंबित आवेदन पत्रों पर त्वरित रूप से निर्णय लेते हुए स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों में पांच-पांच एकड़ की भूमि चिह्नित की जा रही है। इस पर छोटे-छोटे उद्योग स्थापित किए जाएंगे।