सीयूजी नंबर नहीं उठाते थानेदार
पडरौना। जिले में सीयूजी नंबर को रिसीव करने में थानेदारों की मनमानी जारी है। घंटी बजती रहती और थानेदार मोबाइल फोन को उठाते नहीं। कुछ थाने का सीयूजी नंबर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताता है। कुछ थानेदार सीयूजी नंबर बंद रखते हैं।
शासन ने जनता की सुविधा के लिए सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों को सीयूजी नंबर आवंटित कर रखा है। यह व्यवस्था पुलिस विभाग में भी लागू है। थानेदार से लेकर अधिकारियों तक के लिए सीयूजी नंबर निर्धारित हैं। शासन के निर्देश के अनुसार, सबको सीयूजी नंबर हमेशा ऑन रखना है और घंटी बजने पर काल रिसीव भी करना है। हालांकि, यह व्यवस्था जिले में मजाक बनकर रह गई है। अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई व्यक्ति किसी समस्या को अवगत कराने के लिए थानेदार के सीयूजी नंबर पर संपर्क करता है तो निराशा हाथ लगती है।
पुलिस अधीक्षक से अपनी फरियाद सुनाने पहुंचे पीड़ित भी इसकी शिकायत करते हैं। अधिकतर थाने का सीयूजी नंबर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताता है। इस तरह की शिकायत किसी एक की नहीं, बल्कि जिले के ज्यादातर थानेदारों की है। कुछ थानेदार तो अपना सीयूजी नंबर बंद तक रखते हैं। इसकी पुष्टि के लिए रविवार को सभी थानेदारों का सीयूजी नंबर मिलाया गया।
10 थानों केे नंबर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर, दो थे बंद
अहिरौली, तुर्कपट्टी, पटहेरवा, रामकोला, हाटा, जटहा बाजार, विशुनपुरा बाजार, तरयासुजान सहित कप्तानगंज थाना के सीयूजी नंबर पर कॉल करने पर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होने का जवाब मिला। बरवापट्टी, सेवरही थाना का सीयूजी नंबर बंद बताया। नेबुआ नौरंगिया थाने का सीयूजी नंबर को उठाया ही नहीं गया। दो बार पूरी घंटी बजी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। खड्डा थाने के सीयूजी नंबर पर कॉल करने पर उसे उठाया तो गया, पर 17 सेकेंड के बाद काट दिया गया।
इन थानों के सीयूजी नंबर हुई बात
पडरौना, महिला थाना, कसया, कुबेरस्थान, हनुमानगंज, के थाने के सीयूजी नंबर पर भी कॉल की गई। इन नंबरों पर कॉल को रिसीव किया गया। बात भी हुई।
सभी थानाध्यक्ष को निर्देश दिए गए हैं कि सीयूजी नंबर से ही बात करें। कुछ थानों पर बीएसएनएल का नेटवर्क नहीं मिलता है। इस लिए वहां पर सीयूजी नंबर से बातचीत नहीं हो पाती है।
- धवल जायसवाल, एसपी