पडरौना (कुशीनगर)। हाईवे पर संचालित सेठी ढाबा से टोकन जारी कर अवैध परिवहन ऑपरेटरों से वसूली करने के मामले में पुलिस की जांच में परतें खुलती जा रही हैं। कुशीनगर पीटीओ के चालक के जेल जाने के बाद पूछताछ में जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर एआरटीओ और पीटीओ भी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। इसके अलावा गोरखपुर के वाणिज्यकर विभाग से जुड़े दो चालकों का नाम सामने आया है। वहीं दूसरी ओर सेठी ढाबे का नाम बदलकर अब नीलकंठ ढाबा कर दिया गया है, जबकि यहां काम करने वाले लोग पुराने ही हैं।
पुलिस पूछताछ में मिली जानकारी, मोबाइल से बातचीत और ऑडियो रिकार्डिंग के जरिए इस खेल में शामिल अन्य जिम्मेदारों तक पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटाने के साथ कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हाईवे पर अवैध परिवहन के नाम पर वसूली का खेल काफी दिनों से चल रहा था।
ऐसी शिकायतें लगातार अफसरों तक पहुंच रही थी, लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। करीब दो माह पूर्व डीएम, एसपी के निर्देश पर मुजहना हेतिमपुर के पास हाईवे के किनारे संचालित सेठी ढाबा पर अफसरों ने छापेमारी की। वहां से एक डायरी और ढाबा संचालक का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिया। जांच में हाईवे पर ड्यूटी करने वाले एआरटीओ, पीटीओ और गोरखपुर के जीएसटी के सचल टीम के सदस्यों की संलिप्तता मिली। हाटा कोतवाली पुलिस ने जीएसटी कुशीनगर के सचल दल के अधिकारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज किया।
पुलिस इस मामले में मेरठ के रहने वाले सेठी ढाबा के संचालक समेत तीन को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच की कड़ी में एआरटीओ और परिवहन विभाग के पीटीओ समेत इनके चालकों का नाम सामने आया।