पडरौना/मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बबुईया हरपुर गांव निवासी निजी विद्यालय के प्रधानाचार्य छोटेलाल कुशवाहा की मौत के बाद नाराज लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव रखकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की थी। अब पुलिस ने सड़क जाम करने वालों पर कोतवाल की तहरीर पर 59 नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें यूट्यूबर, भाजपा नेता और क्षेत्र के लोग शामिल हैं।
बबुईया हरपुर गांव निवासी प्रधानाचार्य छोटेलाल कुशवाहा को घर में घुसकर कुछ लोगोंं ने भाला से वार 20 दिसंबर को घायल कर दिया था। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 12 नामजद और दो अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज किया था। सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो ठोरी मोड़ पर शव रखकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया था।
करीब पांच घटे तक लोग आरोपियों को फांसी देने, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे। इसके चलते आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
पुलिस ने जाम खत्म कराने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन सड़क जाम करने वाले लोग उलझ गए और पुलिस टीम के साथ अभद्रता करते हुए धमकाने लगे। पुलिस के अनुसार बिना अनुमति लिए ही सड़क जाम लोगों ने कर दिया था। इसके चलते जहां यातायात प्रभावित रहा वहीं तनाव की स्थिति बनी रही।
कोतवाल हर्षवर्धन सिंह की तहरीर पर 259 लोगों पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें यूट्यूबर, भाजपा नेता और आसपास के लोग शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस शुक्रवार को भी तैनात रही।