घर-घर खोजे जा रहे कालाजार के मरीज
- कालाजार के लक्षण वाले व्यक्तियों की सूची तैयार कर रहीं आशा कार्यकर्ता
- कुशीनगर जिले में 69 गांवों को किया गया है चिह्नित, चलेगा सघन अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कालाजार उन्मूलन के लिए शासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है। इसके लिए इन दिनों कालाजार संबंधित उच्च जोखिम गांवों में कालाजार मरीज ढूंढे जा रहे हैं। उच्च जोखिम 69 गांवों में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कालाजार लक्षण वाले व्यक्तियों की एक निर्धारित फार्मेट पर सूची तैयार कर रही हैं। लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच कराई जाएगी।
वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. ताहिर अली ने बताया कि कालाजार उन्मूलन के लिए कालाजार प्रभावित गांवों में एक्टिव केस डिटेक्शन ( एसीडी) गतिविधि संपादित की जा रही है। इसके तहत सभी 69 गावों की आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कालाजार लक्षण वाले व्यक्तियों की सूची तैयार कर रही हैं। कालाजार उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कालाजार के नए रोगियों की खोज का कार्य बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। ऐसे में एसीडी की गतिविधियों को संपादित करने में गुणवत्ता का समुचित ध्यान रखा जा रहा है। गुणवत्ता परक काम के लिए संबंधित गांव की आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के माध्यम से दक्ष किया जा चुका है।
चिह्नित गांवों में चल रहा अभियान
नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. ताहिर अली ने बताया कि गाजीपुर, जाभी हरबल्लम, जगदीशपुर तथा जवहीमठ चुलाही शामिल हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत जवहीदयाल, वजहीमलाही, जवही नरेंद्र, जवाहिर बल्लम, करनपट्टी, मिश्रौली, मोहन बसहिला, पकड़ियार पुरबपट्टी, परसा सिरसा, परसौनी बुजुर्ग, पिपराघाट, पिरोझा, राजपुर बगहा, रकबाराजा, रामपुर बंगारा, सलेमगढ, सिसवा अव्वल, सुमही संग्राम, परसा सिरसिया, दवनहा, कोटवा, रकबाराजा, बेदुपुर अहतमाली, तरया इस्माइल, अथहवा, बिहार बुजुर्ग, बिहार खुर्द, चपरा अहिरौली, परसौनी खुर्द, सफीटड़वा, डिबनी बंजरवा तथा सिन्हापट्टी, ग्राम पंचायत चाफ, गोड़रिया, गौरी जगदीश, लोहरपट्टी, मंझरिया, मठियामाफी, पृथ्वीपुर, पडरौना मदुरही, रखदुल्मापट्टी, शेरपुर बड़हरा, कुदवा, खुशवा, बरवाखुर्द, बनबीरपुर, बंगाली पट्टी, भंगरा पिपरासी, हनुमानपुर, नाहर छपरा, सेमरा हरदो, शिधुआ स्थान, टड़वा, कुसमहा, पथरदेवा, बांक, बल्हुईपरसा, बेंदुपुर, भावपार, बीरवत, बाघाचौर, दनियादी, दुभा, गड़हिया चितमन आदि को उच्च जोखिम वाले गांवों में शामिल किया गया है।
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बालू मक्खी से फैलता है कालाजार
नोडल अधिकारी व एसीएमओ ने बताया कि कालाजार बालू मक्खी से फैलता है। यह मक्खी अक्सर उन्हीं जगहों पर पाई जाती हैं जहां पर ज्यादा नमी होती है। करीब छह फीट की ऊंचाई तक उड़ने वाली मक्खी के काटने से व्यक्ति बीमार हो जाता है। इसमें बुखार आता है जो रुक रुककर चढ़ता उतरता है। शरीर काला पड़ जाता है। यदि ऐसे कोई लक्षण किसी में नजर आए तो तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
साल मरीज
2022 04
2021 15
2020 16
2019 33
2018 66
जिले के प्रभावित गांवों में कालाजार उन्मूलन का अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित गांवों में आवश्यक चीजें मुहैया कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ साथ अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- ताहिर अली, नोडल अधिकारी व एसीएमओ