तमकुहीरोड। रमजान के पाक महीने में मस्जिदों व मुस्लिम घरों में खुदा की इबादत के साथ कुरान की तिलावत और दुआओं का सिलसिला जारी है। मुस्लिम समाज के लोग शिद्दत से रोजे रख कर मुल्क व आवाम की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं।
मंगलवार को दूसरा असरा समाप्ति हो गया। धर्मगुरु कारी जिकरुल्लाह ने कहा कि रोजा इंसान को बुराइयों से दूर रह कर नेकी के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रमजान का पाक महीना बीते 19 फरवरी से शुरू हुआ था। इस पाक महीने को तीन असरा में तकसीम किया जाता है। इसमें दस दिन का रहमत का पहला असरा 28 फरवरी को, बरकत का दूसरा असरा 10 मार्च को समाप्त हो गया। अब बुधवार से मगफिरत का तीसरा असरा शुरू हो गया है। रमजान के दूसरे असरे की समाप्ति पर मंगलवार को सेवरही, दर्जी टोला, मेहदिया, कतौरा, टिकुलिया, पिपरा मुस्तकिल अगरवा, अवदान टोला, सिराज नगर, बेलवारी पट्टी, डफाली टोला, भटवालिया, बिशुनपुरा, राजपुर खाश, तुर्कवलिया, जानकीनगर सहित अन्य सभी मस्जिदों में बड़े शिद्दत के साथ नमाज अदा की गई।
इस दौरान मौलाना शाबिर अली, मौलाना इकबाल अहमद अमजदी, मौलाना गुलाम मुस्तफा मिस्वाही, हाफिज हैदर अली, शाकिर अली, सफदर हुसैन खान, हासन अली, मुश्ताक अहमद, इमरान अजमेरी, सिकंदर अली, फैयाज अहमद, हसमुल्लाह, असगर कुरैशी आदि मौजूद रहे।