तमकुहीरोड। छोटे और उभरते उद्यमों को आगे बढ़ाने में केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, बाजार की समझ और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी अहम भूमिका निभाती है। इन्हीं पहलुओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जागृति उद्यम केंद्र पूर्वांचल इस वर्ष सात जिलों में 140 उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहयोग देगा।
यह जानकारी इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने दी। वे सोमवार को सेवरही स्थित उद्यम उपकेंद्र पर आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केंद्र की तरफ से कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, संत कबीर नगर, मऊ और बलिया में चयनित उद्यमियों को करीब एक वर्ष तक व्यवसाय योजना निर्माण, मार्गदर्शन, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें उद्यमियों को केवल मार्गदर्शन ही नहीं देते, बल्कि उनमें फंडिंग के अवसरों तक पहुंचने की समझ भी विकसित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर ग्रांट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष चयनित 140 उद्यमों में 50 प्रतिशत महिला नेतृत्व वाले उद्यम होंगे। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे व्यवसायों को व्यापक बाजार से जोड़ने की अपार संभावनाएं हैं, और महिला उद्यमियों को इस दिशा में सशक्त बनाना कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें कृषि एवं कृषि-प्रसंस्करण, हस्तकला एवं स्थानीय शिल्प, कपड़ा एवं फैशन, सेवा क्षेत्र और डिजिटल उद्यमों को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुभवी मेंटर्स के सहयोग और नेटवर्किंग के अवसर भी उद्यमियों को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अपने व्यवसाय को टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकें ।उन्होंने बताया कि जागृति उद्यम केंद्र अब तक 280 से अधिक उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहयोग दे चुका है।
इस दौरान सौरभ जायसवाल, मनीष त्रिपाठी, बृजेश राय, बैकुंठ शुक्ल, अभिषेक कुमार, जितेश शर्मा, अजय यादव, नंदिता, सुश्मिता, ट्विंकल आदि मौजूद रहे।