संवाद न्यूज एजेंसी। रहसू बाजार। भगवान बुद्ध से जुड़ी बुद्धकालीन कुकुत्था नदी के रहसू जनूबी पट्टी के पुरैनाघाट के दिन अब बहुरने वाले है। शासन की ओर से इसके कायाकल्प पर पांच करोड़ खर्च किए जाएंगे। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड गोरखपुर है। स्थानीय लोगों के अलावा बौद्ध भिक्षुओं में खुशी है।
भगवान बुद्ध से जुड़ी स्मृतियों को संवारने व उसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने के उद्देश्य से फाजिलनगर ब्लाॅक के ग्राम सभा रहसूजनूबी पट्टी के कुकुत्था नदी के पुरैना घाट का सुंदरीकरण होगा। ऐसी मान्यता है कि यहां पर भगवान बुद्ध ने सारनाथ से कुशीनगर जाते समय अंतिम बार इस स्थान पर स्नान करने के बाद जल ग्रहण किया था। यह स्थान बौद्ध अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है।
घाट का सुंदरीकरण, पार्क, पाथवे बैठने के लिए छोटे-छोटे शेड का निर्माण, पेयजल की व्यवस्था, सामुदायिक शौचालय का निर्माण होगा। इतिहासकार डॉ. श्यामसुंदर ने बताया कि शोध और अन्य स्रोतों से यह प्रमाणित हो गया है कि भगवान बुद्ध बीरभारी टीला जो पूर्व में पावनगर तक फैला था। भगवान बुद्ध अंतिम बार जल ग्रहण कर कुशीनगर गए और वहा परिनिर्माण को प्राप्त हो गए। करीब आठ साल से इसके सुंदरीकरण के लिए शासनस्तर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रयास किया जा रहा था। पर्यटन विकास होने से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
पूर्व प्रधान ठाकुर अरविंद सिंह, प्रधान प्रतिनिधि मारकंडेय प्रसाद, डॉ. रमाकांत सिंह, सफी मुहम्मद, तारकेश्वर सिंह, मिंटू सिंह इस इसको लेकर खुशी का इजहार किया है।