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टूटी नालियां और क्षतिग्रस्त सड़कें करती हैं परेशान, जिम्मेदार बेखबर

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टूटी नालियां और क्षतिग्रस्त सड़कें करती हैं परेशान, जिम्मेदार बेखबर
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- शहर में शामिल हो गए, सुविधाएं देहात जैसी ही
- पडरौना नगर में शामिल जंगल विशुनपुरा के खाड़ी टोला की हालत जर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के विस्तारीकरण में 18 ग्राम पंचायतें शामिल हुईं, लेकिन उनकी स्थिति में बदलाव नहीं आया है। वहां अब भी देहात की सुविधाओं में लोग जीवन-यापन कर रहे हैं। दो साल से अधिक का समय गुजर जाने के बावजूद क्षतिग्रस्त सड़कों की दशा ज्यों की त्यों है। लाभार्थियों के शौचालय उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं। नालियां टूटने की वजह से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। स्ट्रीट लाइट कहीं जलती है तो कहीं खराब पड़ी है। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पडरौना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा का खाड़ी टोला भी नगरपालिका में शामिल हो गया है, लेकिन वहां की सुविधाएं अब भी देहात जैसी है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सड़कें इस कदर टूट गई हैं कि आने-जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। पूरे बरसात के मौसम में तो आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, अब भी नया निर्माण तो दूर इनकी मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। ग्राम पंचायत से बने कई लाभार्थियों के शौचालय उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं और नगरपालिका से बन नहीं पा रहा है। नियमित सफाई नहीं होती है। नालियां टूटने के कारण जलनिकासी नहीं हो पा रही है। स्ट्रीट लाइटें कहीं जलती हैं तो कहीं खराब पड़ी हैं।
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बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रहीं
- शिव कुमार ने बताया कि नालियां टूटने की वजह से पानी का बहाव नहीं हो पाता है। ओवरफ्लो होने पर सड़क पर बहने लगता है। इस वजह से आने जाने में राहगीरों को परेशानी होती है।
- नरेंद्र यादव ने कहा कि मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट तो लगी है, लेकिन कहीं जलती हैं और कहीं खराब पड़ी हैं। जिम्मेदार इसे दुरुस्त कराने की ओर ध्यान नहीं देते हैं।
- हीरालाल का कहना था कि इस मोहल्ले में कूड़ेदान नहीं होने से कूड़ा रखने में परेशानी होती है। लोग कहीं भी कूड़ा रख देते हैं।
नित्यानंद ने कहा कि शहर क्षेत्र में शामिल हो गए हैं, लेकिन शहर वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। न समय पर सफाई होती है और न शुद्घ पेयजल का इंतजाम है। शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं हैं।
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पडरौना नगरपालिका के चेयरमैन विनय जायसवाल का कहना है कि नगरपालिका में शामिल किए गए गांवों में सभी नगरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
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