पडरौना (कुशीनगर)। बरवापट्टी क्षेत्र के कपरधिक्का गांव के श्रीरामजानकी मंदिर के पुजारी फलहारी बाबा हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। गांव के ही राजकरन महतो ने 13 जनवरी को दोस्त के साथ मिलकर पुजारी की हत्या की थी। पूछताछ में बताया कि चार साल पहले राजकरन के 14 वर्षीय बेटे नंदलाल ने पुजारी की डांट की वजह से खुदकुशी कर ली थी। इसके प्रतिशोध में राजकरन ने अपने दोस्त के साथ मिलकर फलाहारी बाबा को मार डाला।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा के अनुसार, कपरधिक्का टोला निवासी राजकरन ने बताया कि उसके छोटे बेटे नंदलाल को रामजानकी मंदिर के पुजारी फलाहारी बाबा ने करीब नौ वर्ष की उम्र से ही अपने पास रख लिया था। नंदलाल मंदिर पर रहकर पूजा-पाठ करने लगा। चार वर्ष पहले बहन के ब्रह्मभोज शामिल होने पर नंदलाल से पुजारी नाराज हो गए और पीटकर मंदिर से भगा दिया। इससे क्षुब्ध नंदलाल ने नारायणी नरी में कूदकर जान दे दी थी।
पुलिस के अनुसार राजकरन तभी से वह बेटे की मौत का बदला लेने के लिए फलाहारी बाबा की हत्या के फिराक में था। 13 जनवरी की रात को बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रहने वाले दोस्त मनोज शर्मा के साथ मिलकर उसने फलाहारी बाबा की सुनियोजित तरीके से सोते समय चाकू मारकर हत्या कर दी। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।