डॉक्टरों के 54 पद, तैनात सिर्फ 19
सोमवार को ओपीडी में खाली थे कई चिकित्सकों के कक्ष
त्योहार के बाद खुली थी ओपीडी, पर्ची काउंटर, दवा काउंटर सहित ओपीडी में जुटी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिला अस्पताल और एमसीएच विंग मिलाकर डॉक्टरों के 54 पद हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ 19 की है। इनमें भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या कम है। ऐसी दशा में यहां आने वाले मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा ओपीडी में डॉक्टरों के कक्ष भी खाली रह रहे हैं। छठ बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ जुट गई, लेकिन कई डॉक्टरों के कक्ष खाली थे।
जिला अस्पताल में बेड की संख्या बढ़कर 250 हो गई है। इस अस्पताल में बेड की संख्या 100 से बढ़कर अब 150 की हो गई है। इसके अलावा बगल का 100 बेड का एमसीएच विंग भी इसी जिला अस्पताल के अधीन है। यहां भी डॉक्टरों की तैनाती से लेकर पूरी व्यवस्था जिला अस्पताल के सीएमएस के जिम्मे है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 37 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 19 डॉक्टर ही तैनात हैं। शेष डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इसी तरह एमसीएच विंग में डॉक्टरों के 17 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां एक भी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। जबकि इस अस्पताल में चाइल्ड वार्ड संचालित हो रहा है। इसके अलावा पूर्व में यह कोरोना के मरीजों के लिए लेवल-2 का हॉस्पिटल बनाया गया था।
डॉक्टरों की संख्या में कमी का असर यहां मरीजों के उपचार पर पड़ता है। इमरजेंसी ड्यूटी से लगायत ओपीडी, एसएनसीयू, पीआईसीयू, एनआरसी, डेंगू वार्ड, एआरटी सेंटर में यहां के डॉक्टरों की ड्यूटी लगती है, लेकिन आवश्यकता के अनुरूप डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण इलाज प्रभावित होता है। सोमवार को छठ पर्व के बाद अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की काफी उमड़ पड़ी, लेकिन डॉक्टर कम होने के कारण मरीज परेशान दिखे।
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जिला अस्पताल में इन डॉक्टरों के पद हैं रिक्त
वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, रेडियोलॉजिस्ट, पैथालॉजिस्ट, अस्थि रोग विशेषज्ञ, ईएमओ (पुरुष)-4, चिकित्साधिकारी-3, चिकित्सा अधीक्षिका, गायनोक्लोजिस्ट-2, आर्थेस्ट्रेटीशियन-2, ईएमओ महिला-3, महिला चिकित्साधिकारी-2
एमसीएच विंग में रिक्त पद
गायनोक्लोजिस्ट-3, बाल रोग विशेषज्ञ-3, पैथालॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट-3, ईएमओ-6
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि डॉक्टरों की संख्या काफी कम है। इनके रिक्त पदों पर तैनाती के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि दो ईएमओ मिले हैं, लेकिन अभी डॉक्टरों की और अधिक जरूरत है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के जिले में आने की वजह से 12 डॉक्टर दो दिन वीआईपी ड्यूटी में लगाए गए थे। इसकी वजह से सोमवार को कई डॉक्टर अवकाश पर चले गए थे। इससे उनके कक्ष खाली थे।