आग में जलकर मां और पांच बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवार का सुध लेने वाला कोई नहीं है। अभी तक रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। वहां पहुंचने वाले लोग प्रशासन को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि घटना के बाद से अभी तक अनेक जनप्रतिनिधि, अफसर और समाजसेवी आए। मदद के नाम पर सिर्फ कोरा आश्वासन देकर चले गए। पूर्व प्रधान ने सुबह भोजन भिजवाया। लू के थपेड़ों के बीच पूरा परिवार व रिश्तेदार पेड़ के नीचे सो रहे हैं।
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इंस्पेक्टर बोले : मैं कर रहा हूं जांच, साढू की तहरीर का कोई मतलब नहीं
मां और पांच बच्चों की अगलगी में हुई मौत की जांच में जुटी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। साढ़ू की ओर से दी गई तहरीर को पुलिस नहीं मान रही है और अपने हिसाब से अगलगी की वजहों को ढूंढने में जुटी है। साढ़ू रामकोला इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए केस दर्ज करने की मांग कर रहा है।
बुधवार की रात रामकोला नगर पंचायत के उर्दहा में हुई घटना पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। जहां प्रशासन आग लगने की घटना का कारण अज्ञात बता रहा है। वहीं पुलिस अगलगी के पीछे की वजहों को ढूंढने में जुटी है। साढू साधु खटिक ने पुलिस को दी गई तहरीर में दहेज के लिए हत्या का आरोप लगा रहा है। आरोप है कि घटना के बाद कई बार फोन करने पर रामकोला एसओ ने फोन नहीं रिसीव किया। शुरू से इनकी भूमिका संदिग्ध है। घटना को हादसे में पुलिस बदलना चाहती है।
इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि चार लोगों की मौत की जानकारी ही मिली थी। आग बुझने के बाद छह शव मिले। साढू की तहरीर मिली है, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। अपने स्तर से जांच कर रहा हूं।