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छत से टपकता है पानी

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जर्जर आवासों में रहने को पुलिसकर्मी विवश
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40 वर्ष से पुराना है रामकोला थाने में बना आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला। थाने में बने आवास 40 वर्ष से भी पुराने हैं। इससे आवास जर्जर हो गए हैं। छत का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। बारिश होने पर उससे पानी टपकता है। इस वजह से आवासों में रहने वाले पुलिसकर्मियों को रातें भी जागकर गुजारनी पड़ रही हैं। इसमें एक इंस्पेक्टर सहित सात एसआई और 82 कांस्टेबल रहते हैं। सात महिला कांस्टेबल भी रहती हैं।
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रामकोला थाने में पुलिसकर्मियों के रहने की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। एसओ, एसआई सहित लगभग 80 पुलिसकर्मी इन आवासों में रहने के लिए विवश हैं। थाना बनने के समय यहां एसओ, हेड मुहर्रिर और कांस्टेबल के लिए बैरक बने थे। बाद में एसआई के लिए भी चार आवास बनाए गए, लेकिन अब यह जर्जर हालत हो गए हैं। बैरक में जगह कम होने के कारण किसी तरह से 25 पुलिसकर्मी रहते हैं। बरसात होने पर छत से पानी टपकने लगता है। वहीं कुछ कमरे ऐसे हैं, जो ऊपर छत देख लें तो शायद जल्दी नींद न आए। छत का प्लास्टर कब ऊपर गिर जाए, कहा नहीं जा सकता। थाना परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है, लेकिन आवास की स्थिति जस की तस है। इस संबंध में सीओ खड्डा शिवाजी सिंह का कहना है कि पुलिसकर्मियों के निवास के जो भवन जर्जर हो चुके हैं, उनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही भवनों की मरम्मत कराकर ठीक करा दिया जाएगा।
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