रामकोला। कस्बे के उर्दहां नंबर-दो शिव मंदिर टोला बापूनगर के एक मकान पर रविवार की रात लोगों को ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। वहां से तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने आई। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बताया जाता है कि इन लोगों की तरफ से ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया जाता है। इनकी तरफ से लोगों को जुटाकर बताया जाता है कि ईसाई धर्म मानने पर प्रभु ईसामसीह की कृपा से अंधा देखने लगता है। लंगड़ा चलने लगता है। गूंगा बोलने लगता है। बेऔलाद वालों को ईसामसीह औलाद दे देते हैं। ऐसी लुभावनी और काल्पनिक बातें बताकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जाता है। वहां मौजूद लड़कियां शाम होते ही बाइबिल धर्मग्रंथ पढ़ती हैं, आरती करती हैं और लोगों से एक कागज के टुकड़े पर अपनी इच्छा और उसके साथ रुपये जमा करने को कहती हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि इसी टोले के रहने वाले एक व्यक्ति की ईसाई धर्म में आस्था है। वह अगल बगल के मेहदीगंज, अमवा और मिश्रौली बाज़ार में शुक्रवार, शनिवार व रविवार को ग्रामीणों को एकत्रित कर बाइबिल धर्मग्रंथ पढ़ते तथा ईसाई धर्म अपनाने पर जोर देते हैं। वह ग्रामीणों में ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उर्दहां नंबर-2 में बने आंगनवाड़ी केंद्र के सामने एक मकान पर काफी संख्या में महिलाएं-पुरुष और लड़कियां शाम होते ही एकत्रित हो जाती हैं। वहां एक कमरे में बड़ा टीवी स्क्रीन लगा हुआ है। उसे इंटरनेट से जोड़ा जाता है। मौजूद सभी लोग वहां बैठकर चंडीगढ़ के मोहाली में स्थित चर्च से होने वाले प्रसारण को देखते हैं। रात में ईसामसीह के सामने बाइबिल धर्मग्रंथ रखकर आरती-पूजा की जाती है। परेशान लोग अपने अपने घर से कागज के टुकड़े पर अपना मन्नत लिखकर लाते हैं। वहां मौजूद लड़कियां झोला लेकर सबके पास जाती हैं और जिसे मन्नत मांगना होता है, वह झोला में कागज और रुपये डाल देता है।
इस मामले की जानकारी होने पर रामकोला पुलिस ने एसडीएम कप्तानगंज व्यास नारायण उमराव की अगुवाई में शाम को करीब साढ़े सात बजे छापा मारा। मौके पर पकड़े गए तीन लोगों को पुलिस थाने लेकर आई है।
इस संवंध में रामकोला के थाना प्रभारी एसएसआई संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि किसमस डे मनाने के लिए अनुमति ली है। कप्तानगंज के एसडीएम व्यास नारायण उमराव ने बताया कि क्रिसमस डे मनाने की अनुमति दी गई है, लेकिन अपने घर में मनाने के लिए, सार्वजनिक जगह के लिए नहीं। अगर ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार करने की बात है तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।