तमकुहीराज। ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस मृत युवक के परिजनों का बयान दर्ज किया। इसकी मॉनिटरिंग लखनऊ और गोरखपुर से भी पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी कर रहे हैं। किशोरी और युवक की हत्या के बाद पुलिस घटना में शामिल लोगों के करीब पहुंचने और जल्द पर्दाफाश करने का दावा किया, लेकिन पुलिस की जांच के दौरान ऑनर किलिंग की बात काफी हद तक स्पष्ट हुई, लेकिन साक्ष्य कमजोर पड़ने लगा, इसलिए पुलिस की जांच सुस्त हो गई।
पुलिस का घटना की कड़ियों को जोड़ने में पसीना छूट रहा है और पुलिस अपनी जांच में उलझती जा रही है। पुलिस हिरासत में रखे गए संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ व जानकारी के बाद घटना से जुड़े अहम सुराग मिल रहे हैं बावजूद इसके मामले की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ नहीं पा रही है।
पुलिस की अभी तक के जांच में यह साबित हो चुकी है कि प्रेमी युगल की हत्या ऑनर किलिंग में ही गई है। जांच में यह तथ्य उभर कर सामने आए है कि किशोरी का स्वभाव परिवार के अन्य लोगों से अलग था। इस कारण माता-पिता के अलावे किसी दूसरे के डाट -फटकार को तरजीह नहीं देती थी। युवक से प्रेम संबंध को लेकर किशोरी के चाचा के परिवार व कुछ रिश्तेदारों को खटका था।
इससे जुड़े कुछ साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। सूत्रों की मानें तो ऑनर किलिंग के मामले को आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। मामले में पुलिस हिरासत में रखे गए संदिग्ध कुछ हत्या से जुड़े कुछ राज उगले हैं। इसको प्रमाणित करने के प्रयास में पुलिस की टीमें जुटी है। घटना की गंभीरता इस कदर बढ़ गई है कि मामले में हर एक मूव के लिए तत्काल एक्सपर्ट ओपिनियन लीं जा रही है।
जांच में एक्सपर्ट टीमें भी जुटी है। हलांकि इनकी इंट्री से पुलिस इंकार कर रही है। सूत्र बताते हैं कि मामले की जिले के एसपी संतोष कुमार मिश्रा के अलावे गोरखपुर व लखनऊ में बैठे पुलिस विभाग के आलाधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जांच में जुटी पुलिस टीमों को घटना के दिन से ही इस विशेष एंगल पर तहकीकात की जा रही है।
किसी भी स्थिति में मामले में कोई निर्दोष न फंसने पाए। युवक के परिजनों व घटना से जुड़े अन्य साथियों का पुलिस बयान दर्ज की है। इस दौरान परिजनों के साथ आए निषाद समाज के लोग घटना के जल्द खुलासे की मांग किए हैं।