फाजिलनगर। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कवियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। अपनी ओजस्वी और राष्ट्र प्रेरक कविताओं के माध्यम से कवियों ने जन-जन में गुलामी के खिलाफ खड़े होने और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने का जज्बा पैदा किया।
उक्त बातें कस्बा के जूनियर हाईस्कूल के परिसर में सामाजिक संस्था सजग प्रहरी द्वारा आयोजित आजादी के आंदोलन में कविता की भूमिका विषयक गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राधेश्याम पाण्डेय ने कही। समाजसेवी कुंवर उपेंद्र सिंह ने कहा कि कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आज़ादी के लिए ऐसा जुनून भरा, जिसका असर जन-जन में दिखाई दिया।
विशिष्ट अतिथि केदार सिंह ने कहा कि कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से भारत में राष्ट्रवाद की भावना भरी, जिसका प्रतिफल देश की आज़ादी के रूप में सामने आया। कार्यक्रम को जूनियर शिक्षक संघ की प्रांतीय संयुक्त मंत्री कलमदानी सिंह, पुरुषोत्तम गुप्ता, रहमत अली, राजेश सिंह आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम आयोजक नंदलाल विद्रोही, रविन्द्र सिंह, राजेश सिंह, महबूब मंजर आदि उपस्थित रहे।