संवाद न्यूज एजेंसी
कसया(कुशीनगर)। महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पर्यटन व संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव-2021 में पीएम ने 17 बौद्ध भिक्षुओं को अभिधम्म दिवस के मौके पर चीवर दान किया। प्रधानमंत्री के हाथों चीवर प्राप्त कर बौद्ध भिक्षु प्रसन्न दिखे। चीवर प्राप्त करने वाले बौद्ध भिक्षुओं में कुशीनगर के भदंत ज्ञानेश्वर, बुद्ध विहार के प्रबंधक भंते महेंद्र समेत देश के चार बौद्ध भिक्षुओं के अलावा श्रीलंका डेलीगेट्स से आठ, तिब्बत से पांच बौद्ध भिक्षु शामिल हैं। अभिधम्म दिवस के इस पावन मौके पर प्रधानमंत्री ने इन बौद्ध भिक्षुओं को प्रणाम कर आशीर्वाद भी लिया। इस सम्मान व आदर से पूरा बौद्ध समुदाय आह्लादित है।
बोधि वृक्ष का पौधा लगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव में विशेष-पूजा अर्चना व अन्य कार्यक्रमों के बाद महापरिनिर्वाण परिसर में बोधि वृक्ष का पौधा लगाया। बौद्ध धर्म में बोधि वृक्ष पूजनीय है। भगवान बुद्ध को बोधगया में ईसा पूर्व 531 में बोध प्राप्त हुुआ था। बोधि का अर्थ होता है ज्ञान और बोधि वृक्ष का अर्थ है ज्ञान का वृक्ष।
भगवान बुद्ध की तीन मुद्राएं देख भाव-विभोर हुए प्रधानमंत्री
फोटो है।
कुशीनगर मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा का पूजन-दर्शन किया
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कसया। कुशीनगर स्थित मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बुद्ध की पांचवीं शताब्दी की लेटी प्रतिमा की विशेष पूजा-अर्चना की। बौद्ध परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना के बाद प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा की प्रदक्षिणा भी की। श्रीलंका बुद्ध विहार के प्रबंधक भंते नंदरतन व भंते अशोक ने प्रधानमंत्री को भगवान बुद्ध के अलौकिक व अद्भुत लक्षण चिह्न, उनके पैर में बने चक्र को भी दिखाया। यह देख प्रधानमंत्री भाव-विभोर हो उठे। उधर, लेटी प्रतिमा की तीन अद्वितीय मुद्राएं ध्यान, चिंतन, प्रसन्नता को प्रधानमंत्री ने सिर, पैर व मध्य भाग से निहारा। इस ऐतिहासिक पल के गवाह राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही कुशीनगर भिक्षु संघ अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर भी बने।