पर्यटन व रोजगार की संभावनाओं से नया माहौल बनाएंगे पीएम
कुशीनगर में एक ही दिन तीन जगह अलग-अलग रंग में नजर आएंगे पीएम
एयरपोर्ट पर पर्यटन व रोजगार, मुख्य मंदिर परिसर में धार्मिक व अंतर्राष्ट्रीय संबंध तो बरवां में होंगी केवल चुनावी बातें
उदयभान त्रिपाठी
गोरखपुर। कुशीनगर में बतौर प्रधानमंत्री तीसरी बार आ रहे नरेंद्र मोदी इस बार तीन अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आएंगे। पीएम एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही पूर्वांचल के लिए अति महत्वपूर्ण पर्यटन व रोजगार पर बात करेंगे तो मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में भगवान बुद्ध के अनुयायियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा देंगे। इसके बाद बरवा फार्म पर आयोजित जनसभा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की जमीन को मजबूत बनाएंगे।
वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट पर दूसरी बार और प्रधानमंत्री के तौर पर जिले में तीसरी बार आएंगे। इससे पहले वह एक बार बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री व एक बार भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर भी जिले में आ चुके हैं। यह पहला मौका होगा जब वह एक साथ यहां तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में अलग-अलग उद्देश्य से शामिल होंगे। आजादी से पहले ही वजूद में आ चुके कसया ऐरोड्रम (हवाई पट्टी) को अब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना दिया गया है। करीब 650 एकड़ क्षेत्रफल वाला यह हवाई अड्डा करीब एक साल से उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। बुधवार को वह ऐतिहासिक दिन होगा जब प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे एयरपोर्ट के सामने बने विशाल पंडाल में प्रदेश व केंद्र सरकार के वरिष्ठ अफसरों व विभिन्न विमानन कंपनियों के अफसरों के साथ बैठकर कुशीनगर में हवाई सेवा को बेहतर बनाने के उपायों पर भी बात करेंगे। कुशीनगर एयरपोर्ट के चालू होने से यहां पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के भी नए अवसर की संभावना है।
इसके बाद दूसरा कार्यक्रम मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में है। कुशीनगर को विश्व भर में अलग पहचान दिलाने वाले इस महापरिनिर्वाण मंदिर में ही भगवान बुद्ध की छठीं शताब्दी की वह लेटी प्रतिमा स्थापित है, जिसका दर्शन बौद्ध धर्म के लोगों के अलावा हिंदू धर्म के आस्थावान भी करना चाहते हैं। यह स्थल पुरातात्विक लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री इसी परिसर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन दुनिया भर के बौद्ध धर्म के अनुयायियों को भारत आने के लिए प्रेरित करेगा। श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे प्रधानमंत्री पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध के साथ-साथ भारत की प्राचीनता का भी उल्लेख करेंगे।
इन दोनों से इतर प्रधानमंत्री जब मुख्य मंदिर से सात किमी दूर बरवां फार्म पर जनसभा को संबोधित करेंगे तब सारा फोकस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेगा। यूपी चुनाव से ठीक पहले की यह सभा हर तरीके से प्रभावशाली हो, इसके लिए भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल और क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत सभी वरिष्ठ नेता पूरी ताकत से जुटे हैं।
खेती की बजाय पर्यटन कारोबार पर होगा फोकस
पूर्वांचल में चुनाव के लिए सबसे बड़ा मुद्दा खेती-किसानी है। किसान आंदोलनों से उत्साहित विपक्ष सरकार को इसी मुद्दे पर घेरने का प्रयास करेगा। लिहाजा भाजपा चुनाव से पहले ही पर्यटन एवं रोजगार को प्रमुख मुद्दा बनाना चाहती है। ऐसे में कार्यक्रम स्थल पर सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने वाले होर्डिंग्स व पोस्टर लगाने की तैयारी है। सरकार और प्रधानमंत्री का पूरा फोकस एयरपोर्ट शुरू होने पर पूर्वांचल में बढ़ने वाले पर्यटन व कारोबार पर ही रहेगा।